लव जिहाद राइट विंग* की कोई कल्पना नहीं है। प्रतिदिन जान गँवाती हिन्दू लड़कियाँ काल्पनिक नहीं हो सकतीं। सामान्य हिन्दू इस शब्द का प्रयोग मुसलमानों को बदनाम करने अथवा भारत में धार्मिक आधार पर उन्माद पैदा करने के उद्देश्य से नहीं करते हैं।

*राइट विंग शब्द का प्रयोग, इसके प्रचलन में होने के कारण किया गया है। भारत में कोई राइट विंग नहीं है, यह विदेशी अवधारणा है।

लगभग प्रतिदिन ऐसी एक खबर आती है जहाँ किसी मुस्लिम लड़के ने किसी हिन्दू लड़की की हत्या की होती है और इनमें से अधिकतर मामलों में उसने अपनी पहचान छुपाकर, स्वयं को हिन्दू बताकर लड़की को फुसलाया होता है।

[ घटना 1, घटना 2, घटना 3, घटना 4, घटना 5, घटना 6, घटना 7, घटना 8, घटना 9 ]

मुख्यधारा मीडिया में भी ऐसी खबरें जोर पकड़ती हैं लेकिन थोड़े शोरगुल और तथाकथित डिबेट के साथ ख़तम हो जाती हैं। कोई निष्कर्ष नहीं निकलता, ना ही हिन्दू लड़कियों को न्याय मिलता है और ना ही ये घटनाऐं रुकने का नाम ले रही हैं।

यही कारण है कि सतर्क हिन्दुओं की चिंता और उनका गुस्सा दिन प्रतिदिन बढ़ता चला जा रहा है।

इन घटनाओं को हिन्दू-मुस्लिम दृष्टिकोण से इसलिए देखा जाता है क्योंकि इसमें हर बार जिसका शिकार होता है वह हिन्दू लड़की ही होती है।

यहाँ हिन्दू-मुस्लिम एकता के भाषणों से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उन लड़कियों की जान कैसे बचाई जाए जो इस प्रक्रिया का शिकार हो रही हैं।

आदर्शवादी हिन्दुओं और वामपंथियों को यही लगता है कि लव जिहाद राईट विंग या भाजपा की कोई कल्पना है। वे इन जघन्य कृत्यों को भाजपा की राजनीतिक चाल बताकर नकार देते हैं, जबकि लगभग हर दिन ऐसी एक या दो घटनाऐं सामने आती हैं जिनमें हिन्दू लड़की धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन से मना कर देने के कारण मार दी जाती है।

किसी को भी इन घटनाओं को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। यह लड़कियों के जीवन की सुरक्षा का प्रश्न है।

वामपंथियों के अनुसार ऐसे कुकृत्य दो धर्मों के बीच समभाव के असफल प्रयास मात्र होते हैं। नारीवादी, जो रक्षाबंधन, नवरात्रि और करवाचौथ पर हिन्दुओं को कोसते नहीं थकते, इन घटनाओं को हिन्दू-मुस्लिम एकता की चाहत में अनदेखा कर देते हैं।

इन घटनाओं को कहा तो लव जिहाद जाता है, किन्तु इनमें लव हो ऐसा जरूरी नहीं। कई बार तो मुस्लिम लड़का इकतरफा आकर्षित होकर, लड़की के मना कर देने मात्र से उसकी हत्या कर देता है।

नैना कौर नामक लड़की को इसी तरह मारा गया। [ यहाँ देखिए ]

निकिता तोमर की गलती केवल इतनी थी कि उसने तौसीफ से किसी भी संबंध से साफ इन्कार कर दिया था और उसे मार दिया गया। [ यहाँ देखिए ]

कई मामलों में लड़की का बलात्कार अथवा अपहरण करने के बाद उसपर धर्मांतरण का दवाब डाला जाता है। यह दोहरा अत्याचार है फिर भी किसी के कानों में जूं नहीं रेंगती; सब गंगा-जमुनी तहज़ीब के कसीदे पढ़ने में व्यस्त हैं।

इन सब के अतिरिक्त प्यार के जाल में फँसाकर लड़की का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल भी किया जाता है।[ घटना 1, घटना 2 ]

लव जिहाद की घटनाओं पर हमारी प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए, इस विषय में हमें किसी के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

ऐसी घटनाओं के बारे में अपने परिवार के लोगों को बताइए, उनको सचेत कीजिए। इसमें मुसलमानों के खिलाफ बोलने जैसा कुछ नहीं है।

और फिर आपको ऐसी एकता की चिंता आखिर इतनी क्यों है जो आपको अपनी बहनों और बेटियों के प्राणों की आहुति देकर स्थापित करनी पड़े ?

मत करिए ऐसा।

स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है, रुकिए मत, कमान को अपने हाथों में लीजिए और इस विषय में लोगों को सचेत करना शुरू कीजिए।

नीचे मैंने ऐसी ही कई और घटनाओं की लिंक साझा की है, वहाँ जाकर उन घटनाओं के बारे में पढ़िए और स्थिति की गंभीरता से स्वयं को अवगत कराइऐ –

[ घटना 1, घटना 2, घटना 3, घटना 4, घटना 5, घटना 6 ]

यदि किसी प्रकार शादी हो भी जाती है, तो शादी के बाद भी लड़की का जीवन सुरक्षित नहीं होता है। नियमित मारपीट और धर्म बदलने का दबाव डाला जाता है। [ घटना 1, घटना 2 ]

लड़की का जीवन तो कई प्रकारों के सतत् खतरे में होता ही है, लड़की के परिवार वालों पर भी हमले किए जाते हैं।

एक मामले में निजामुल खान ने हिन्दू लड़की के भाई की हत्या कर दी क्योंकि उसने उनके संबंध को अस्वीकार कर दिया था। [ यहाँ देखिए ]

दिल्ली का ध्रुव त्यागी का मामला तो सबको याद ही होगा ( होना ही चाहिए), जिसमें ध्रुव त्यागी की माॅब लिन्चिंग ( भीड़ द्वारा की गई हत्या) की गई थी। उनका दोष इतना था कि वे अपनी बेटी से हुए दुर्व्यवहार के लिए न्याय मांग रहे थे। [ यहाँ देखिए ]

राजस्थान के अलवर की एक घटना में लड़की के पिता की हत्या कर दी गई थी क्योंकि उन्होंने आरोपी अनीश खान के खिलाफ केस वापस लेने से मना कर दिया था। [ यहाँ देखिए ]

उपरोक्त 24 घटनाओं से अब ये स्पष्ट हो जाना चाहिए कि यह बहुत ही गंभीर खतरा है। ऐसी असंख्य घटनाऐं देश में हर साल होती हैं। ये अनगिनत घटनाऐं; शोषित, आहत और मृत हिन्दू लड़कियाँ और उनके परिजन… यह सब किसी की कल्पना नहीं हैं। 

अपने राजनीतिक मतभेदों के कारण अब इतना भी ना भटक जाओ कि अपनी बहनों और बेटियों की सुरक्षा करना ही भूल जाओ।

लव जिहाद एक सच है, एक हकीकत है। हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है, उनका शिकार किया जा रहा है। अपनी आँखों से गंगा-जमुनी तहजीब का पर्दा हटाईए, सच को देखिए। आरोपियों को अधिकतम कानूनी सजा दिलवाइए और लड़कियों की सुरक्षा में जुट जाइए।

मैं पुनः कहूँगा कि – आपको ऐसी एकता की चिंता आखिर इतनी क्यों है जो आपसे आपकी बहनों और बेटियों के प्राणों की आहुति माँगती हो ?

जय हिन्द।

लेखक – प्रभास शाक्य

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