आपने तनिष्क का वीडियो देखा। उस वीडियो में यही दिखाया गया था ना कि हिन्दू लड़की को मुस्लिम परिवार में प्यार दिया जा रहा। उसकी ‘ सासू मां’ बहुत अच्छी है। हमेशा बहू का बेटी जैसा ध्यान रखती हैं।

आपको याद है कुछ दिन पहले चल रहा था कि ‘ रसोड़े में कौन था ‘। अगर आपने उस सीरियल को देखा होगा तो उसने यही दिखाया गया है कि हिन्दू परिवारों में बहुओ को कितना परेशान किया जाता है। वों सीरियल सात साल टीवी पर आया। और हर एपिसोड में कोकिला बेन अपनी बहू गोपी व राशि को परेशान करती रहती थी।

देखिए दोनों परिवारों में हमेशा से कितना अंतर दिखाया जा रहा। जहां मुस्लिम परिवार इतना अच्छा वही हिन्दू परिवार इतने खराब।

लव जिहाद, हिन्दुओं के टूटते घर का यही सीरियल कारण है। जब एक हिन्दू लड़की बचपन से यही देखती आयेगी तो उसका दिमाग अपने पति और अपनी सास, ससुर के लिए कैसा बनेगा?? कभी सास भी कभी बहू थी में भी यही ड्रामा था। सास बहू दोनों एक दूसरे के खिलाफ बस चाल ही चलती रहती थी।

इन्हीं सब सीरियल को लंबे समय से देखते देखते लोग इनकी नकल करने लगते हैं। यही कारण है जब भी बहू नई नई ब्याह के अाई होती है तो सिर्फ और सिर्फ लड़ाई ही होती है। कितनी बार तो बेटा बहू अलग चले जाते है। वरना सास, ससुर को खाना पानी देना इतना भी कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।

एक चीज हम सबको समझनी चाहिए। हिन्दू धर्म हमेशा से इनके निशाने पे रहा है। हिन्दू परिवारों, भगवानों, त्योहार संस्कृति का मज़ाक बना बना के इनलोगो ने सच में बहुत घर बरबाद किए है। सबसे पहले तो ऐसे सीरियल देखना छोड़ना चाहिए। दस दस साल तक यही सीरियल आते रहते हैं। टीआरपी कम होगी तो बंद ही हो जाएगा।

दूसरी चीज, सारी हिन्दू बहनों! हिन्दू ससुराल वैसा नहीं होता जैसा इन टीवी सीरियल में दिखाते हैं। सास ससुर कि सेवा का अर्थ उनका खाना पीना का ध्यान रखना ही होता है। एकता कपूर या राशि बेन जैसा ससुराल बस एजेंडा है। चने निकाल के खाली कुकर गैस पर चढ़ा दिया, ऐसा हरकत ना कोई करता है ना इसपे बात करता है। इन चीजों से बचकर रहना चाहिए।

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