बहूप्रतीक्षित लक्ष्मी फिल्म आज हॉट स्टार पर रीलीज कर दी गई। पहले इसका नाम लक्ष्मी बम था। पर हिन्दुओं की भावनाए इससे आहत हो रही थी कि देवी लक्ष्मी के नाम के साथ इस तरीके का शब्द क्यों जोड़ा जा रहा। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद ‘ बम ‘ जैसा शब्द हटाया गया।

लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्युकी जब फिल्म का कहानी ही हिंदूविरोधी है तो एक शब्द से क्या अंतर पड़ जाएगा। संदेह तभी हुआ था जब फिल्म की निर्देशक में शबीना खान का नाम आया था। ये वही है जो कश्मीर में लॉकडाउन पर आंसू बहा रही थी। अब जिसका पैसा लगा हो वो ऐसी है तो समझ ही सकते हैं फिल्म कैसी होगी?

शुरआत में एक हिन्दू बाबा को दिखाया गया है जो ‘ ढोंगी। ‘ है। उस ढोंगी से ‘ आसिफ ‘ जों की अक्षय कुमार है, वो उस महिला को बचा रहे। ‘ रश्मी ‘ ( कियारा ) और ‘ आसिफ ‘ भाग के शादी किए हैं जिससे रश्मी के घर वाले नाराज़ रहते हैं। बाकायदा एक दृश्य में तो आसिफ साफ साफ कह रहा कि रश्मी के घरवाले हिटलर है क्युकी वो अपनी बेटी के  एक मुस्लिम लड़के से शादी किए जाने पर खुश नहीं हैं। फिर रश्मी की मा के कहने पर आसिफ और रश्मी दोनों रश्मी के घर जाते हैं उनके ‘ पिताजी ‘ जी को मनाने।

फिर वही सब दिखाया गया है तो आजतक दिखाया जाता रहा है ।मंदिर का ब्राह्मण कमजोर है, जों भूत को नहीं पकड़ पा रहा ।माता का जग्राता के नाम पर ढोंग हो रहा । वही एक पीर बाबा को कि बहुत शाक्तिशाली है भूत को वही पकड़ पाते हैं। फिर आगे की कहानी में एक नेक ‘ अब्दुल चाचा ‘ को भी दिखाया गया है तो लक्ष्मी की बहुत मदद करता है।

जिस समय लव जिहाद के इतने केस सामने आ रहे , उस समय इस फिल्म को बनाने का क्या अर्थ? निकिता तोमर को इसलिए गोली मार दी एक मुस्लिम ने क्युकी वो धर्म नहीं बदल रही थी। जितनी भी लड़कियां लव जिहाद में अपने मुस्लिम प्रेमी के साथ घर छोड़ के भागी है सबकी लाश ही मिली है आजतक। और फिल्म में ये दिखाया जा रहा की घर से भाग के शादी करना ‘ कूल ‘ है।

सिर्फ इतना ही नहीं, घर से भाग के शादी भी किए, उसके बाद पूरे गर्व से वापस आ रहे और लड़की के बाप का ही मज़ाक बना रहे। एक बाप के दुख को भी ‘ कॉमेडी ‘ दिखाया गया है। अगर यही होती है कॉमेडी तो रहने दो बॉलीवुड तुमसे नहीं हो पाएगा।

ये जो अक्षय कुमार को देशभक्त समझ कर उसकी कोई भी फिल्म हिट करवा दे रहे, उनके लिए ये सबसे बड़ा सबक है। हाउस फुल और मिशन मंगल जैसी वाहियात फिल्म हिट कराने का ही ये घटिया फिल्म नतीजा है। देशभक्ति के नाम पर कुछ भी देखने से बचे। एक कनाडा के निवासी कभी यहां के बारे में अच्छा नहीं सोच पाएगा।

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