करतेदेश में लिबरल कम्युनिस्ट गैंग की हिप्पोक्रीसी इतनी जबरदस्त है कि उसे देखते ही शर्म आने लगती है। यह लिबरल कम्युनिस्ट गैंग रंग बदलने में इतना माहिर है कि गिरगिट भी इन्हें देखकर शर्मसार हो जाता है मगर इन्हें शर्म नहीं आती है। दरअसल कल करवा चौथ और करवा चौथ के दिन कम्युनिस्ट लिबरल गैंग ने सोशल मीडिया पर खूब लिखा कि हिंदू औरतों को अपने पति के नाम पर व्रत नहीं रखना चाहिए।

अब इनकी हिप्पोक्रेसी की हाइट इसी हरकत से मापिये कि यह लोग करवा चौथ पर तो खूब बोलते हैं मगर शांतिप्रिय समुदाय की महिलाओं के मुद्दों पर इनका मुंह बंद हो जाता है , यह लोग न हलाला पर बोलते हैं, ना हिजाब पर बोलते हैं ना बुर्के पर बोलते हैं और ना ही तीन तलाक पर बोलते हैं।

मगर यह लोग करवा चौथ, अहोई, छठ जैसे हिंदू पर्व पर खूब मुंह फाड़ फाड़ कर बोलते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि हिंदू पर्व और हिंदू समुदाय के बारे में बोलना बेहद आसान है। आखिर क्यों सनातन धर्म को ही यह लोग हमेशा अपने टारगेट पर रखते हैं और आखिर क्यों शांतिप्रिय समुदाय की करोड़ों महिलाओं के सबसे अहम मुद्दों पर ये लोग नहीं बोलते हैं।

इनका आडंबर , इनके दोमुंहे चेहरे, इनकी हिप्पो क्रेसी को बेनकाब करना बेहद जरूरी है और इनकी नियत व इनकी रंग बदलती चमड़ी को भी समझ पाना बेहद जरूरी है क्योंकि यह गंदी सोच के लोग भारतीय संस्कृति भारतीय धर्म का मजाक उड़ाने में सबसे ज्यादा माहिर है और यह लोग प्रगतिशील होने का नाटक करते हैं असल मुद्दा तो इनका सिर्फ और सिर्फ हिंदू विरोध है।

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