कमलेश तिवारी : क्या सीखा गए एक ‘ सोए ‘ हुए समाज को?

फ्रांस में एक शिक्षक कि गला काट कर हत्या कर दी जाती है। उसने प्रोफेट मोहम्मद का विवादास्पद कार्टून क्लास में दिखाया था। इस...

बालाजी , अमेज़न , नेटफ्लिक्स ,इरोज़ : शाबास ! ऐसे ही कार्यक्रम दिखाते रहो ,पब्लिक तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा देगी

एक समय में पेजर को भी यही लगता था कि वो नासा के स्पेस शटल से कम महत्वपूर्ण खोज नहीं है , मगर फिर वो बेचारा पप्पू पेजर होकर रह गया | तो तुम कौन अजर अमर हो कर अवतार लिए हो रे |

मेरा राजनैतिक करियर राजीव गाँधी जैसा : तेज प्रताप यादव फ्रॉम पटना

जी हाँ आपने बिलकुल ठीक ही पढ़ा देखा है | लालू यादव के दोनों चश्मो चराग जिन पर इस बार के विधानसभा चुनावों में...

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विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का धार्मिक महत्व ,संघ क्यो करता है शस्त्र पूजन

भारत में आश्विन मास की नवमी अर्थात नवरात्रि समाप्त होने के बाद विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। दरअसल यह पर्व भगवान श्री राम...

बॉलीवुड (तब, अब) और रचनात्मक स्वतंत्रता

फ़िल्म जगत और यह दीवाली !!____________________एक समय था जब भगत सिंह पर फ़िल्म बनी थी “शहीद”। मनोज कुमार ने इसके लिए उनके जीवित साथी बटुकेश्वर...

शाहजहाँ ने बताया था, हिंदू क्यों गुलाम हुआ ?समय न हो तो भी, एक बार तो अवश्य पढें ।

शाहजहाँ ने बताया था, हिंदू क्यों गुलाम हुआ ?समय न हो तो भी, एक बार तो अवश्य पढें ।मुग़ल बादशाह शाहजहाँ लाल किले में...

प्रकाश झा की सोच में है अंधेरा, धर्म की छवि खराब करने वाली वेब सीरीज पर मचा बवाल…#Arrest_Prakash_Jha सोशल मीडिया पर Trend

देश की जनता एक बार फिर सवाल उठा रही है कि आखिर बॉलीवुड के इन भू-माफियाओं को मस्जिद के इमाम और चर्च के पादरियों में निगेटिव कैरेक्टर क्यों नहीं दिखाई देते हैं?

ड्रोन हमलों के बीच आर्मीनिया की एक बहादुर मां की गाथा: काराबाख डायरी पांचवां दिन

जाने माने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय हर रोज आर्मीनिया से युध्ह का आँखों देखा हाल लिख रहे है. अभिषेक देश के अकेले बड़े पत्रकार हैं जो इस...

धुर ई मोमो त दलपिट्ठी निकलल यौ :हईयैह ……….बजला झाजी ..

दिल्ली में अबय के बाद जे किछ चीज़ देख क झटका पर झटका लागल ओहि में आन चीज़ संगहि एकटा सामग्री हमेशा रहल ।...

हाथ में तिरंगा नहीं उठाऊँगी :चाहे इसके लिए मुझे खुद कितना भी नीचे गिरना पड़े : मेहबूबा

जब ताऊ अब्दुल्ला , चीन चीन अब्बू अब्बू का मचाने लगे हल्ला तो फिर महबूबा ही क्यों पीछे रहे | वैसे भी कुछ न...