घृणा का अस्थि विन्यास परंतु अस्थियां सिर्फ सनातन की

लेखक या लेखिका एक बेलगाम परिंदे जैसे होते हैं जो भावनाओं , विचारों और परिस्थितियों के आकाश में अपनी अपने ताकतवर डैनों से घटनाओं...

बंगलुरू स्थित क्लेरेन्स हाईस्कूल में बाइबिल की अनिवार्यता अर्थात विद्यार्थियों के धर्मांतरण का षड्यंत्र !

 दक्षिण भारत के अनेक ईसाई कॉन्वेंट विद्यालयों में हिन्दू विद्यार्थियों को बाइबिल सीखना अनिवार्य किया जा रहा है । इस संदर्भ में विद्यालय में प्रवेश लेने...

उत्तर प्रदेश में योगी जी के जीत के मायने

एक तरफ है समाजवादी पार्टी का जातिवादी, मज़हबी MY यानि मुस्लिम-यादव फ़ॉर्मूला जिसे अखिलेश यादव बार-बार अल्लादीन के चिराग की तरह घिस रहे हैं...

बजट 2022 : कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं,

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2022 का बजट पेश कर दिया। इस बजट में उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।...

सारस्वतों की पहचान सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के हरियाणा हिमाचल सरकार का अनूठा कदम…

सारस्वतों की पहचान सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के हरियाणा हिमाचल सरकार का अनूठा कदम… सप्त-सिंधु में सरस्वती को पुनर्जीवित करना : एमएल खट्टर...

मैरिटल रेप या पहचान संकट से जूझता न्यायालय।

भारत में बड़बोलों का प्रजातंत्र है जो जितना गाल बजाए उसकी उतनी पहचान बनती है। आजादी के बाद जहां हिंदुत्व वादियों ने जमीनी काम...

‘कम से कम एक गुंबद बचा लीजिए…’, 6 दिसंबर 1992 को प्रधानमंत्री नरसिंह राव के पास आया वह फोन किसका था

छह दिसंबर 1992 को उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की जो बैठक बुलाई गई, उसमें प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव...

राष्ट्रपति बाइडन की बेटी एश्ले की डायरी के खुलासे से हड़कंप : पिता द्वारा किए गए यौन शोषण का ज़िक्र

आज तक कुछ को छोड़कर ,लगभग सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों की चरित्रहीनता और उनके अनैतिक संबंधों की कहानी /अफ़साने/सच्चाई-आरोप और मुकदमे तक की कहानियाँ अब...

कृषि कानून के निरस्त होने के बाद देश के द्वारा उठाने योग्य सार्थक कदम।

यह पोस्ट में किसी राजनीतिक पार्टी विचारधारा या व्यक्ति विशेष की तुष्टीकरण आदि के लिए नहीं कर रहा हूं।इस कानून के बनने और निरस्त...

अन्तर्जातीय विवाह : भारतीय सामाजिक ढाँचे का क्षय रोग

यह शीर्षक बुद्धिजीवियों, प्रगतिशीलों और साम्यवादियों को दकियानूसी अधिनायकवादी, मनुवादी और पाषाणकालीन लग सकता है पर ये कथ्य अनुभूत साक्ष्यों और आँखों देखी घटनाओं...