‘पितृऋण’ चुकाने के लिए ‘श्राद्ध’ और नित्य ‘श्री गुरुदेव दत्त’ का जप करें ! – पू. नीलेश सिंगबाळजी, धर्मप्रसारक, हिन्दू जनजागृति समिति

‘पितृपक्ष एवं श्राद्धविधि : शंका और समाधान’ विशेष संवाद द्वारा महत्त्वपूर्ण मार्गदर्शन !   हिन्दू धर्म में ईश्‍वर प्राप्ति हेतु ‘देवऋण’, ‘ऋषिऋण’, ‘पितृऋण’ और...

‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ का महत्व तथा आपातकाल के समय भक्ति के साथ ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ कैसे मनाएं?

       पूर्ण अवतार श्रीकृष्ण ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी को पृथ्वी पर जन्म लिया था । उन्होंने बचपन से ही अपने असाधारण...

रक्षाबंधन त्यौहार का इतिहास, शास्त्र एवं मनाने की पद्धति

रक्षाबंधन त्यौहार का इतिहास, शास्त्र एवं मनाने की पद्धति श्रावण पूर्णिमा पर आनेवाले त्यौहार रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई का औक्षण कर प्रेम...

नागपंचमी का महत्व और आपातकालीन स्थिति में कैसे करें नाग देवता की पूजा?

 श्रावण मास अर्थात त्योहार का महीना है। श्रावण का पहला पर्व है ‘नागपंचमी’! हर साल श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी अर्थात नाग पंचमी को नाग...

भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे उत्तम मास – श्रावण मास

भगवान शिव के प्रिय मास सावन या श्रावण मास में भगवान शिव और उनके परिवार की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के...

आपातकाल में जीवित रहने के लिए तो साधना करें !

अखिल विश्व के जिज्ञासुओं के लिए 11 भाषाओं में ‘ऑनलाइन गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न ! दिल्ली – संकट के समय सहायता मिलें; इसलिए हम अधिकोष (बैंक में) पैसे...

धर्म संस्थापना के लिए सर्वस्व का त्याग करें !

 ‘गुरुपूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है । इस दिन प्रत्येक श्रद्धावान हिन्दू आध्यात्मिक गुरु के प्रति कृतज्ञता के रूप में...

गुरुपूर्णिमा का महत्व एवं आपातकालीन स्थिति में धर्मशास्त्र के अनुसार गुरुपूर्णिमा कैसे मनाएं !

‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्‍वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ अर्थ : गुरु स्वयं ही ब्रह्मा, श्रीविष्णु तथा महेश्‍वर हैं । वे ही परब्रह्म...