ताजमहल एक हिन्दू राज प्रसाद/1

आम लोग आज भी ये समझते है की ताजमहल का नाम इसमें दफनाई गई महिला मुमताज़ महल के नाम पर रखा गया है, पहली बात तो ये है की शाहजहां की पत्नी का नाम मुमताज़ महल नहीं बल्कि मुमताज़-उल-जमानी था दूसरी बात मुमताज़ की स्मृति में बने उस भवन को नामांकित करने के लिए शुरू के दो अक्षर हटाकर शेष हिस्सा भवन का नाम बनता है अब कोई ये बताए की किस व्याकरण का नियम है और आपको ध्यान देना होगा की वो ताज है ताज़ नहीं
पर मान लेते है की उस महिला मुमताज़ के नाम पे भवन का नाम पड़ा तो उसका नाम ताज़महल कहा जाना चाहिए था ना की ताजमहल यही एकमात्र शब्द ही सारी पोल पट्टी खोल देता है
ताजमहल को मुसलमानी मकबरा बनाने के लिए हिन्दू राजप्रासाद ताजमहल को अधिकृत किया ये आत्मस्वीकृति शाहजहां के दरबारी इतिहास में उसके वैतनिक इतिहासकार मुल्ला हमीद लाहौरी के द्वारा लिखित है, बादशाहनामे ने शाहजहां जो उसके दरबारी इतिहासकार मुल्ला हमीद लाहौरी ने लिखी है उसमे शाहजहां के पहले 20 वर्षो के शासन का इतिहास है
अकबर डा ग्रेट मुग़ल नाम की एक पुस्तक में लेखक VINCENT SMITH ने बताया है की बाबर का जीवन १५३० में आगरा नगर में बने एक उद्यान महल में समाप्त हुआ, ये महल वही तेजोमहालय(ताजमहल) है pic.twitter.com/JYQVQhNqoy
— ?????? ?????? ???? -आशिस् राजपुत्र (@twittofashish) August 11, 2020
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