संस्कार, रीति-रिवाज और संस्कृति से रोक सकते हैं लव जिहाद ! – छाया गौतम, जिला अध्यक्षा, हिंदू महासभा, मथुरा, उत्तर प्रदेश

हिंदू कम उम्र में लड़कियों को भगवद गीता क्यों नहीं पढ़ाते? भगवत गीता में सिखाया गया है कि स्वधर्म विदेशी धर्म से श्रेष्ठ है। अगर उन्हें यह शिक्षा मिल जाए तो हिंदू महिलाएं लव जिहाद का शिकार नहीं बनेंगी । लव जिहाद पर कानून से नहीं बल्कि रीति-रिवाज और संस्कृति से अंकुश लगाया जा सकता है, ऐसा वक्तव्य उत्तर प्रदेश के मथुरा की हिंदू महासभा जिला अध्यक्षा सुश्री छाया गौतम ने किया । वह गोवा के फोंडा स्थित 'श्री रामनाथ देवस्थान' में 'वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव' में 'लव जिहाद रोकने के प्रयासों' पर बोल रही थीं। इस अवसर पर सनातन संस्था के मिशनरी संत सद्गुरु नंद कुमार जाधव, श्री 108 नीलकंठ शिवाचार्य शिवाचार्य (धारेश्वर महाराज), 'राष्ट्र-धर्म संघ' के संस्थापक अध्यक्ष श्री. संतोष केंचम्बा उपस्थित थे। छाया गौतम जी ने आगे कहा कि, लव जिहाद के खिलाफ पहला कानून उत्तर प्रदेश में बना; लेकिन पुलिस इस कानून के मुताबिक कानून कार्रवाई नहीं कर रही थी । मामला यह है कि हमने लव जिहाद के एक मामले में पुलिस को कानून की जानकारी दी तो उन्होंने लव जिहाद कानून की धाराएं लगा दीं । हिंदू महिलाओं को 'लव जिहाद' के मामलों से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग करना जरूरी है। मैंने लव जिहाद में फंसी 40-50 लड़कियों की काउंसलिंग की है। हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा किया गया हिन्दू संगठन का कार्य बहुत बड़ा है। श्रीमती छाया गौतम ने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में इस काम की जरूरत है।
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