पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 10 लोगों को जिंदा जला देने के मामले में CBI की तरफ से कार्रवाई शुरू हो गई है. इस मामले में CBI ने 21 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन आरोपियों पर IPC की धारा 147, 148, 149 सहित कई गंभीर धारा लगाई गईं है। इसके साथ ही इन लोगों पर सशस्त्र दंगे करने का आरोप लगाया गया है।

सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि शुरूआती जांच से लगता है कि TMC नेता और स्थानीय पंचायत के उप-प्रधान भादू शेख की हत्या का बदला लेने के मकसद से हिंसा की गई थी। लगभग 70-80 लोगों की भीड़ ने पीड़ितों के घरों पर हमला किया। वहां पहले तोड़फोड़ की गई और उन्हें जान से मारने के इरादे से उनके घरों में आग लगा दी गई.

सीबीआई के अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए राज्य सरकार की तरफ से गठित की गयी SIT के अधिकारियों से इस मामले से जुड़े सभी कागजात ले लिए हैं। इसके अलावा जांच को किसी तरह से प्रभावित न किया जाए और सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ ना हो, इसको लेकर गांव में सुरक्षा और ज्यादा सख्त कर दी गयी है . बता दें आपको भादू शेख की हत्या के बाद 22 मार्च 2022 को गुस्सायी भीड़ ने 10-12 घरों को निशाना बनाते हुए परिवारों के लोगों साथ पहले मारपीट की फिर घरों के अंदर उन्हें बंद कर आग लगा दी जिसमें 10 लोगों जिंदा जल गए थे.

इधर घटना के बाद बंगाल बीजेपी के नेताओं ने राज्यपाल से भी मुलाकात की थी और आरोप लगाया था कि राज्य की ममता बनर्जी की सरकार के इशारे पर पुलिस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। जिसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच के लिए मामले को CBI के हवाले कर दिया था ।

 

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