पाकिस्तान में छिड़ा गृहयुद्ध : 1000 से अधिक पुलिस वाले घायल , कई मारे गए

पाकिस्तान की हालत आखिरकार , भस्मासुर वाली हो ही गई और जिन आतंकियों को पनाह दे दे कर पूरी दुनिया में दहशत और आतंक की दुकान चला रखी थी आज उन्हें काबू में रखना खुद पाकिस्तान की सरकार ,फ़ौज कर पुलिस के लिए भारी पड़ रहा है। और ऐसे में जबकि आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ने के लिए एकजुट है तो ऐसी हालत में भी पाकिस्तान के कट्टरपंथी सरकार और फौज से लड़ गए हैं। रोज़ होने वाली हिंसक झड़पों और लड़ाइयों में अब तक 1000 से अधिक पुलिस और फ़ौज के जवानों को बुरी तरह से घायल कर दिया गया है और कईयों के मारे जाने की खबर है।
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पाकिस्तान की सरकार पर अब दो तरफ़ा मार पड़ने की बारी थी। एक तरफ तमाम पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान के इस कट्टरपंथ समर्थित रवैये को देखते हुए उसे साइड लगाना शुरू किया तो वहीं दशकों से खैरात देकर पाकिस्तान की मदद करने वाला सऊदी अरब भी पाकिस्तान से कन्नी काट गया।
आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान की हालत इतनी ज्यादा खस्ता थी कि पाकिस्तान एयरलाइंस से लेकर व्यावयसायिक जहाज़ों तक को बकाया किराए आदि के भुगतान न किए जाने के कारण जहाँ तहाँ रोक कर ज़ब्त किया जाने लगा। पाकिस्तान के वजीरे आजम से लेकर वजीर तक सब चीन तुर्की आदि के पास जा जाकर आर्थिक मदद की गुहार लगाने लगे और बदले में उन देशों की सारी उल जलूल और खतरनाक शर्तों को मान कर पूरे देश और व्यवस्था को जैसे आत्मसमर्पण करा दिया।
इन तमाम विस्फोटक हो रही परिस्थतियों में सबसे बड़ा कारण रहा भारत की तरफ से पाकिस्तान को बार बार पड़ने वाली मार। न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि उसके नए नए अब्बू बने चीन को भी भारत ने पहली बार वो करारा सबक दिया कि इससे पाकिस्तान का रहा सहा हौसला भी पस्त होकर रह गया। जम्मू कश्मीर की नाकेबंदी से सीमापार से चलाए जा रहे आतंक के कारोबार को भी बहुत करारा झटका दे दिया भारत ने।
अब तो मियाँ जी की हालत ऐसी हो चली है कि कभी दाढ़ी में अपना चेहरा छुपाए फिर रहे हैं तो कभी बुर्के में। हालांकि पाकिस्तान जैसे दुष्ट , और धूर्त देश में छाई कैसी भी कुव्यवस्था भारत के लिए भी चिंता का सबब बन सकती है मगर अब ये नया भारत है , बदला हुआ भारत , जो हर मोर्चे पर दुश्मन को पटखनी देने में सक्षम।
वैसे पाकिस्तान को चाहिए की वो खुद को चीन के हाथों पूरी तरह से बिक जाने या गिरवी रखे जाने से पूर्व , भारत के तमाम क्षेत्रों को भारत के हवाले कर दे , हाँ बेशक इसके एवज में उसे पर्याप्त मुआवजा देने पर विचार किया जा सकता है।
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