योगी सरकार की लोकप्रियता से घबराए कांग्रेसी, जिहादी गुटों ने हाथरस मुद्दे में अपनी बौद्धिक मवाद को जीभ से उगलना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस तरह यूपी में अपराधियों की कमर तोड़ यूपी को विकास के मार्ग पर ले जा रहे थे उसकी लोकप्रियता इन विभाजनकारी तत्वों को अरसे से पच नहीं रही थी। 

हाथरस मुद्दे में इन वामपंथी गिरोहों को भरपूर मसाला मिला है..बाल्मीकि लड़की- ऊंची जाति के अपराधी-योगी मुख्यमंत्री-यूपी की पुलिस.. जैसे सारे तत्वों को जोड़कर इन्होंने देश को भड़काने के लिये मनोहर कहानी रची। लड़की का रेप बताया गया, जीभ काटने की बात कही गई जबकि इनमें से ऐसा कुछ नहीं हुआ था। 


सूत्रों से खबर है कि जब रात में पीड़ित लड़की को दिल्ली के बड़े अस्पताल में दाखिल करवाया गया तभी JNU के पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंह जो प्रियंका गांधी के करीबी हैं, उनका फोन एक अंग्रेजी चैनल की वामपंथी लडक़ी के पास गया और तब उस लड़की ने बौद्धिक आतंक फैलाने के लिए कॉमरेड के लाल सलाम को कुबूल किया। इससे पहले भी इंडिया टुडे की ये महिला पत्रकार JNU में छात्रों को मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी के लिए उकसाने वाले वीडियो से जानी जाती है। ये महिला रिपोर्टर पूरी रात यूपी पुलिस की गतिविधियों को नोट कर संदीप सिंह और प्रियंका गांधी को पहुंचाती रही ताकि पीड़ित लडक़ी की लाश पर पूरे यूपी में सड़क बंद कर दंगे करवाए जा सकें।  इससे पहले भी इंडिया टुडे कि यह महिला पत्रकार अपने वामपंथी दोस्तों को मोदी सरकार के खिलाफ भड़काऊ बाइट दिलवाते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई थी


सूत्र बताते हैं कि इंडिया टुडे की इस महिला रिपोर्टर ने JNU के कई छात्रों, नक्सल NGO वालों और कांग्रेस नेताओं को रातभर अपडेट किया ताकि सुबह होते होते यूपी की हर सड़क पर भीम आर्मी और कांग्रेस के कार्यकर्ता मिलकर दंगे फसाद कर सकें। भीम आर्मी के कई नेताओं को इस महिला रिपोर्टर ने wats app पर वीडियो भेजे , JNU के पूर्व नेताओं को भेजे, साथ ही कांग्रेस समर्थित मीडिया गिरोहों को लगातार update किया ताकि सोशल मीडिया पर झूठ का बवंडर खड़ा कर माहौल खराब किया जा सके। 
रातभर इस महिला रिपोर्टर ने अपनी पहचान छिपाकर यूपी पुलिस की हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखी और रातभर वामपंथी-कांग्रेसी-भीम आर्मी नेताओं को अपडेट किया। इनकी प्लानिंग को यूपी पुलिस ने भांप लिया और रात में ही घरवालों की रजामंदी से लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस को भनक थी कि प्रियंका गांधी हाथरस पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार रोक देंगी और फिर सड़क जाम कर पूरे यूपी में दंगे किए जाएंगे। कांग्रेस, वामपंथी, जिहादी गिरोहों की पूरी तैयारी थी कि लड़की के शव को कब्जे में किया जाए और फिर सड़कों पर दंगा फसाद किया जाए। हाथरस मामले में लड़की के अपराधी सलाखों के पीछे हैं, आपसी रंजिश का मसला था , CM आदित्यनाथ ने कहा है कि फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर दोषियों को जल्द सजा दी जाएगी, तो आखिर लड़की की जाति-रेप की झूठी खबर-जीभ काटना जैसी भ्रामक बातें फैलाकर दंगों की साजिश क्यों की गई? 

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