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फिल्में समाज का आईना होती हैं लेकिन बॉलीवुड ने अपने ही देश को खोखला किया, बॉलीवुड ने हिंदू संस्कृति का हमेशा अपमान किया, हालात ये है की अब बॉलीवुड के लिब्रल्स अपनी सीमा रेखा पार कर रहे हैं। तांडव वेबसीरीज तो बस एक उदाहरण है क्या आमिर खान नें अपनी फिल्म पी.के. में भगवान शिव जी का मजाक नही उड़ाया था ?

बॉलीवुड में आपको भ्रष्ठ हिंदू धर्म गुरु मिलेंगे लेकिन एक भी कामुक अन्य धर्मों के दलाल नही मिलते ऐसा क्यों है, क्या हिंदुओ नें अपने धर्म का मजाक बनाने का ठेका बॉलीवुड को दे रखा है ? ऐसा बिलकुल भी नही है ! आप विश्व इतिहास को उठा कर देख लें हिन्दुओं ने कभी भी किसी राष्ट्र पर हमला नही किया, हिंदुओ नें पूरी मानवता को शांति और प्रेम की शिक्षा दी है। 

अब आइए इस बात को समझने की कोशिश करते हैं की बॉलीवुड की संरचना क्या है ?
बॉलीवुड में सिर्फ तीन ही ग्रुप्स हैं१- खान गैंग २ – कपूर समुदाय और ३ – अंडरवर्ल्ड

खान गैंग नें हमेशा से ही बॉलीवुड में ‘प्रेम’ के अपने घिसे-पिटे फार्मूले को बेचकर जनता की जेबें काटी है तो वहीं पर कपूर समुदाय नें धर्मनिरपेक्षता के नाम पर एक धर्म की पैरोकारिता करके हिंदू धर्म को सदैव नीचा बनाया है।
कहीं ना कहीं हिंदू अपने देवी-देवताओं को अपमान करती हुई मीम्स को आनंद के साथ पढते हैं और वैसी फिल्मों को देखना भी पसंद करते हैं और यही बात बॉलीवुड के बुद्धजीवियों लिब्रल्स को पसंद आती है और वे हिंदू धर्म का या फिर यूं कहें तो ‘सनातन संस्कृति’ का जमकर मजाक उड़ाते हैं।


ईस्लाम धर्म की यह विशेषता है कि वे लोग अपनें धर्म के बारे में एक छोटी से छोटी बात को भी सुनना या कहना पसंद नहीं करते, उनके सहिष्णुता का स्तर बहुत ही न्यून हैं। मैं यह नही कहता कि हिंदुओ को भी असहिष्णु बनना चाहिए अपितु उनमें आत्मस्वाभिमान की भावना होनी चाहिए और जब कोई उनकी आस्थाओं का उपहास करें तो उन्हे कानून के माध्यम से प्रतिरोध करना चाहिए।


तांडव जैसी बेबसीरीज और फिल्में भारत की सामाजिक संरचना को अस्थिर कर सकती हैं सरकार को OTT Platforms पर प्रदर्शित होनें वाले विषय वस्तु के लिए भी प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था करनी चाहिए। डिजिटल इंडिया के इस दौर में OTT Platforms की सरकारी पहरेदारी अत्यावश्यक है।

बॉलीवुड के लिब्रल्स नें हमेशा देश के युवाओं को कामुकता, मद्यपान, वेश्यागमन, फूहड़ता और हिंसा के लिए उकसाया है। मुझे अफसोस है कि जो सिनेमा देश में सशक्त सकारात्मक बदलाव ला सकती थी उसने हिंसा, नग्नता व कदाचार को प्रोत्साहित करते हुए बहुसंख्यक हिंदू समाज को हमेशा निशाने पर रखा।
बॉलीवुड की इस तानाशाही को रोकने का सशक्त माध्यम यह है कि ‘हम भारत के लोग’ बालीवुड के द्वारा फैलाए जा रहे कचरे को खुले मन से नकार दें।


स्वच्छ भारत मिशन की तरह से स्वच्छ बॉलीवुड मिशन की भी जरूरत है और इसकी शुरुआत आपको और हम सभी को मिलकर करनी होगी।

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