देश में कुछ संस्थान ऐसे हैं जो पत्रकारिता के नाम पर अपना एक तरफा एजेंडा खुलकर चलाते हैं और जहां भी देश , तिरंगा , आर्मी,  धर्म , राष्ट्र ,गंगा , गाय , गेरुआ की बात होती है वहां यह लोग पश्चिमी विचारधारा के कलेवर तले कम्युनिस्ट बीज बोने लग जाते हैं। ऐसा ही एक संस्थान है इंडिया टुडे ग्रुप का ‘लल्लनटॉप’… सौरभ द्विवेदी नामक कम्युनिस्ट लड़का इस संस्थान को चलाता है। मोदी ,योगी ,भगवा ,गाय, गेरुआ विरोधी एजेंडे को यह संस्थान खास तवज्जो देता है और अब यह संस्थान नए बन रहे संसद भवन को मोदी का घर बताकर फेक न्यूज़ भी प्रचारित कर रहा है।


सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लल्लनटॉप के उस आर्टिकल को आड़े हाथों लिया है जिसमें वह सेंट्रल विस्ता को मोदी का नया घर बताकर खबर प्रकाशित कर रहा है।

एनडीटीवी, द प्रिंट , वायर तो खुले हुए हैं मगर खबरों को सरल और चुटीले अंदाज में पेश कर लल्लनटॉप युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है और वह देश की युवा आबादी की विचारधारा को किस तरह एजेंडे में बदल रहा है यह सरकार के लिए विचारणीय विषय होना चाहिए।


गौरतलब है कि यह वही लल्लनटॉप है जिसने फेमस होने के लिए देश के युवाओं को मानसिक गर्त में धकेलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लल्लनटॉप अक्सर मर्यादा हीन स्टोरी प्रकाशित करता है जिसमें हिटलर का लिंग और चुड़ैल के सेक्स की कहानी को बताया जाता है, अब ऐसे में इंडिया टुडे के बैनर तले ऐसे संस्थान को चलाया जाना काफी हैरानी भरा है क्योंकि ये संस्थान अक्सर गोल्डन स्टैंडर्ड ऑफ जर्नलिज्म की बात करता है।

 ये लल्लनटॉप हिटलर का लिंग नापने वाली संस्था है, इनसे ज्यादा उम्मीद करना बेईमानी है। दूसरी बात ये कि ऑल्ट न्यूज़ एक्स लल्लनटॉप को हायर करता है। सवाल ये होना चाहिए कि UP gvt इस लल्लनटॉप को विज्ञापन क्यों देती है जबकि उनका अजेंडा छुपा हुआ नहीं है।

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