गीतकार मनोज मुंतशिर ने जब से इतिहास की सही व्याख्या की है तभी से लिबरल टुकड़े गैंग उनके पीछे पड़ गया है। जहां एक तरफ पूरा देश मनोज मुंतशिर के साथ खड़ा है तो वहीं दूसरी तरफ उनकी आलोचना महज इसलिए की जा रही है क्योंकि उन्होंने ग से गणेश की बात कर दी है। अब एक निजी चैनल को इंटरव्यू देते हुए मनोज मुंतशिर ने अपनी मंशा साफ की है।


मनोज मुंतशिर ने डिबेट शो में इस बारे में बात करते हुए कहा, “जाति से कोई हीरो नहीं बनता है, हीरो हीरो होता है। अशफाक उल्ला खान मेरे हीरो हैं, एपीजे अब्दुल कलाम मेरे हीरो हैं। अब्दुल हमीद मेरे हीरो हैं। क्या मैं उन्हें इसलिए हीरो न मानूं, क्योंकि मैं हिंदू हूं? इतना छोटा तो हम नहीं सोचते हैं। रावण मेरा हीरो नहीं है, रावण हिंदू था और ब्राह्मण भी था।”


मनोज मुंतशिर ने इस बारे में बात करते हुए आगे कहा, “राणव सीधे ब्रह्मा की ब्लडलाइन में आता है और मैं भी ब्राह्मण ही हूं। लेकिन वह मेरा हीरो नहीं है। मैं जिंदगी भर राणव का पुतला जलाउंगा। जयचंद भी मेरा हीरो नहीं है, वह क्षत्रिय था। आपको इस देश में रहना है, यह देश आपका है। पहली बात तो यह है कि मैं इस बात की बहुत इज्जत करता हूं कि जब इस देश का बंटवारा हुआ, उस वक्त यहां के मुलसमानों ने दूसरा मुल्क नहीं चुना और यहां रह गए।”

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