फ्रांस में हुए जेहादी हमले के समर्थन में सोशल मीडिया पर लिखने वाले दर्जनों बांग्लादेशियों को सिंगापुर ने हमेशा के देश से बाहर निकाला

बेगाने की शादी में अब्दुल्ला दीवाना और ये अब्दुल्ला तो पूरी दुनिया में दीवाना ,पागल जाहिल बन कर घूम रहा है। कहीं बम लिए हुए ,कहीं चाक़ू छुरे लिए और कहीं पर गाड़ी लिए , इंसानियत और मानवता का दुश्मन बना हुआ। कभी चीन को अपना अब्बू बना लेता है तो कभी तुर्की को अपना खलीफा। अरब देश के शेख इन मुगलों को कभी सच्चा मुग़ल मानते ही नहीं हैं मगर ये हैं की अपनी जहालत और जेहाद से दुनिया को जबरन अपनी मुगलपंथी का सबूत देते फिरते हैं।
अभी कुछ दिनों पूर्व जब फ्रांस में एक शिक्षक की गला रेत कर ह्त्या करने की जहालत फिर किसी मुग़ल ने की तो पहले से ही चीनी वायरस कोरोना की मार झेल रही और गुस्से में भरी दुनिया उबल गई। सबने इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया , दुनिया भर में जहां मुग़ल अपने ओला ऊबर की टैक्सी लेकर सड़कों पर उतर गए वहीँ वहां की सरकारों ने उन्हें सड़क से उठा कर अपने देशों से बाहर फेंकना शुरू कर दिया।
जाहिल मुग़ल जो वहां मजदूरी का काम करते थे वे बेचारे 72 हूरों के लालच में काबुल के गधे बन कर रह गए। लिल्लाह ! ये तो लाहौर बिना कुवैत हो गया इनका।
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