अंधश्रद्धा का कारण और निवारण।

अधिकांश हिंदू व्यक्ति ज्ञान के अभाव के कारण।अपना आर्यत्व और वैदिक सनातन धर्म के सिद्धांतों को छोड़कर।अंधश्रद्धा रूपी भेड़ चाल में क्यों फंसता है उसका कारण और निवारण प्रस्तुत है।

जब एक मुस्लिम के घर बच्चा पैदा होता है तो उसके लिए कुरान पढ़ना अनिवार्य है।मस्जिद जाना नमाज पढ़ना अनिवार्य है।
एक सिख घर बच्चा पैदा होने पर उसे गुरु ग्रंथ साहिब पढ़ना अनिवार्य है और गुरुद्वारा जाना अनिवार्य है।तथा सिख मत के पंच ककार धारण करना अनिवार्य है। अन्यथा वह सिख नहीं माना जाएगा।ठीक इसी प्रकार एक ईसाई के लिए बाइबल पढ़ना जरूरी है।
परंतु हमारे यहां पैदा होने वाला बच्चा अपने धर्म को जानने के लिए क्या पढता है यह यक्ष प्रश्न सभी के लिए?
अधिकांश का उत्तर होगा कुछ नहीं पढता है।या कुछ लोग कहेंगे उन्होंने रामायण अथवा महाभारत को पढा है।जबकि सत्य यह है रामायण और महाभारत हमारे महान पूर्वजों का इतिहास है।और हमें अपने पूर्वजों और अपने इतिहास पर गर्व है।
परंतु धर्म की शिक्षा के लिए वेद पढ़ना अनिवार्य है।और वेदों को पढ़ना और पढ़ाना सभी आर्यों का प्रमुख धर्म है।
परंतु बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है।हमारे समाज में वेदों को पढ़ना तो दूर की बात है 80 परसेंट व्यक्ति वेदों का नाम तक नहीं जानते हैं।अब सोचिए वेद का कथन है कि साम दाम दंड भेद नीति से राष्ट्र और मानवता के शत्रु को समाप्त करो और वसुधैव कुटुंबकम की स्थापना करो।
परंतु हमारे समाज ने वेदों के इस सिद्धांत को ही भुला दिया है।
और यही कारण है हमारा समाज वेदों से विमुख हुआ और चमत्कार और पाखंड को मानने लग गया।
जगह-जगह ढोंगी गुरु घंटालो और कथा वाचको की बाढ़ आ गई है।जो धर्म का प्रचार प्रसार तो बहुत दूर की बात है उल्टा धर्म की हानि करते हैं।और हमारे समाज ने वेद विमुख होकर
यज्ञ और अनुसंधान कर्म छोड़कर पाखंड और चमत्कारों का आश्रय ले लिया है।और इसी का फायदा उठाकर चारो ओर से हमारे समाज पर आक्रमण हो रहे हैं भले ही वे ईसाई मिशनरियों का धर्म परिवर्तन का आक्रमण हो या फिर मुस्लिमों का लव जिहाद हो।अब सोचिए मुस्लिम पीरों पर माथा फोड़ने के लिए 90% हिंदू ही जाता है।
अब सोचिए इन पीर मजारों पर धक्के खाने वाले माता-पिता अपने बच्चे को किस प्रकार की धार्मिक शिक्षा दे रहे।
दूसरा घर के बेटों को और माता-पिता को लड़कियों से खुलकर बात करनी होगी।उनको जिहाद के हर रूप जैसे लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के बारे में जानकारी देनी होगी।अगर घर की लड़कियों का मन कहीं बाहर जाने को अथवा किसी फिल्म को देखने का कर रहा है तो माता-पिता अथवा भाई उनके साथ जाएं।
अगर आपके घर से कोई कर की लड़कियों के साथ नहीं जाएगा।
तो लड़कियां घर पर झूठ बोल कर बाहर जा सकती हैं।
और कोई ना कोई जिहादी उन्हें अपने जाल में फंसा लेगा।
और हम फिर सरकार के भरोसे रहेंगे।तथा घर की बेटियों को धर्म और इतिहास की शिक्षा अवश्य दें।तथा घर के सभी सदस्य सत्यार्थ प्रकाश और वेद अवश्य पढ़ें।अगर समय रहते हमारे समाज ने वेदों का आश्रय नहीं लिया।
तो विनाश निश्चित है।सभी से करबद्ध प्रार्थना और अनुरोध है।
संभव है तो वेदों को पढ़ें और पढ़ाए अगर नहीं पढ़ सकते हैं तो सत्यार्थ प्रकाश अवश्य पढ़ें।
एकमात्र सत्यार्थ प्रकाश रूपी अमृत आपको इतना सशक्त बनाने का सामर्थ्य रखता है। कि
ढोंग पाखंड चमत्कार छोड़कर आप सच्चे वैदिक सनातन धर्म को जान पाएंगे।और आप इतना सशक्त बन जाएंगे की विधर्मियों की किसी भी चाल का आप पर कोई असर नहीं होगा भले ही वह लव जिहाद हो अथवा धर्म परिवर्तन की चाल।

अखंड ओम नाम केवलम

गोपाल आर्य

@AkhandOmnaam

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