तारकिशोर प्रसाद को बीजेपी के विधानमंडल दल (विधान परिषद और विधानसभा) का नेता चुन लिया गया है। राजनाथ सिंह ने तारकिशोर के नाम का ऐलान किया और वहीं उप नेता के तौर पर रेणु देवी के नाम पर सहमति बनी है। आइए जानते हैं कौन हैं तारकिशोर प्रसाद, जिन्हें भाजपा ने दी है अहम जिम्मेदारी.
तारकिशोर प्रसाद, बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। जेपी आंदोलन से छात्र राजनीति में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं। कटिहार जिले से आने वाले तारकिशोर प्रसाद की पार्टी में अच्छी पकड़ है। 64 साल के तारकिशोर प्रसाद को बीजेपी ने कटिहार सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था। 12वीं पास तारकिशोर प्रसाद ने आरजेडी के डॉ राम प्रकाश महतो को हराकर कटिहार सीट से लगातार चौथी बार चुनाव में जीत दर्ज की। इसबार तारकिशोर प्रसाद ने आरजेडी के डॉक्टर राम प्रकाश महतो को 12 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। 2015 में लालू और नीतीश की मजबूत जोड़ी के बावजूद भी तार किशोर प्रसाद चुनाव जीतने में सफल हुए थे और यह एक बहुत बड़ी बात है। जातिवादी राजनीति होने के वावजूद समाज के सभी लोगों में पकड़ होने का सबसे बड़ा सबूत 2015 में जीत दर्ज करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही थी। इन्होंने पिछली बार जेडीयू के उम्मीदवार को हराया था।
एक तरफ जहां भाजपा पिछले दो दसक से सुशील मोदी के नेतृत्व में बिहार में राजनीति करती रही है और इसमें कोई दो राय नहीं कि उन्होंने भाजपा को मजबूती दी पर यह कहना भी गलत नहीं होगा वह बिहार में इतने वर्षों तक राजनीति में सक्रिय होने के वावजूद भी राज्य के जनता का नेता नहीं बन पाए।
चुनाव पूर्व और चुनाव दौरान भी इन अटकलों पर बात हो रही थी कि आखिर कौन बनेगा उप मुख्मंत्री क्यूंकि मुख्यमंत्री नीतीश ही होंगे यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका था। हालांकि उप मुख्यमंत्री अभी कौन बनेगा यह तय नहीं है।
तारकिशोर प्रसाद जी के नेतृत्व में भाजपा और मजबूत होगी और सीमांचल में जहां भाजपा कमजोर है वहां मजबूत होने से आने वाले समय में भाजपा बिहार में अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब हो सकती है।

धन्यवाद
अमित कुमार।

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