महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 23 जनवरी को जयंती है। पूरा देश जहां नेताजी की 125वीं जयंती मनाने की तैयारी कर रहा है वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खुशी को और दोगुना करते हुए एक बड़ा एलान कर दिया. अब देश की राजधानी में इंडिया गेट पर महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट कर इसका ऐलान किया है. जिसके तहत इंडिया गेट पर ग्रेनाइट से बनी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगायी जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा , ‘ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट से बनी उनकी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी. ये उनके प्रति भारत के ऋणी होने का प्रतीक होगा.’

साथ ही उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा की  “जब तक नेताजी की भव्य प्रतिमा का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। मैं नेताजी की जयंती 23 जनवरी को होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूँगा।

 

दरअसल मोदी सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 23 जनवरी से करने का फैसला किया है।  23 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। आमतौर पर गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत 24 जनवरी से होती थी, जो 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस जारी रहता था। पिछले साल ही सरकार ने नेताजी की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

इसमें कोई संशय नहीं कि नेताजी को पहले की सरकारें वो उचित सम्मान नहीं दे पाईं जिसके वे अधिकारी थे. किंग जॉर्ज पंचम की स्मृति में ब्रिटिश सेना के सैनिकों को समर्पित इंडिया गेट पर अब भारत की प्रथम आज़ाद हिन्द फ़ौज के सेनानायक नेता जी सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा को लिए आज पूरा देश प्रधानमंत्री जी को दिल से धन्यवाद दे रहा है. आजादी के अमृत महोत्सव के काल में इससे सुखद तस्वीर और क्या होगी कि नेताजी की मूर्ति अब इंडिया गेट पर ऐतिहासिक छतरी में स्थापित होने जा रहा है .

जाहिर है केंद्र सरकार का यह निर्णय देश की आत्मा से जुड़ा हुआ है. ये बात किसी से छिपी नही है कि कैसे जहां आजादी के बाद दिल्ली में कुछ गिने-चुने परिवारों के लिए ही नव-निर्माण हुआ वहीं आज देश उस संकीर्ण सोच को पीछे छोड़कर, नए गौरव स्थलों का निर्माण कर रहा है. जो वाकई देश की नई पीढ़ी के लिए एक सुखद तस्वीर पेश करेगी ।

 

 

DISCLAIMER: The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carries the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text.