सनातन की परंपरा में बड़े बूढ़े कहते हैं कि हमेशा शुभ बोलना चाहिए क्योंकि कभी-कभी जुबां पर सरस्वती का वास हो जाता है और आपकी कही हुई बात सच हो जाती है ।
शायद इसीलिए ऋषि-मुनियों ने कहा है सत्यम ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियम् । अर्थात् सच बोलें और प्रिय बोलें , अप्रिय सत्य ना बोलें । बाकी परिस्थितियों में चुप रहें। इसी लिये कहा गया है कि “मौनम् सर्वार्थ साधनम् “॥

पर ये गलती शायद बॉलीवुड के बादशाह से हो गई। कभी उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि उनकी तमन्ना है कि उनका बेटा वह सारा काम करे जो वे अपने टीनएज में ना कर पाए, मसलन ड्रग्स ले और कई अनैतिक चीजों की चर्चा की होगी उन्होंने ( लेखक उन सबों का उल्लेख नहीं करना चाहता। यह नवभारत टाइम्स में लिखा है।
शायद शाहरुख की बात को सच करने के लिए मकबूल फिदा हुसैन की बनाई हुई सरस्वती नीचे आ गई और यह बात सच हो गई । आज आर्यन शाहरुख खान क्रूज पर ड्रग्स लेता हुआ एनसीबी के द्वारा लांच हुआ । शाहरुख की तमन्ना पूरी हुई। यह मान लीजिए कि जो शाहरुख खान ने चाहा वही हुआ भले ही मजाक में हीं कहा हो।


दूसरी तरफ आजकल डिजनी हॉटस्टार के एक ऐड में वे अपनी बेइज्जती कराते हुए दिखते हैं और डिजनी हॉटस्टार ने अपना टैगलाइन बनाया है कि यहां सब कुछ है , शाहरुख के सिवा ।
इस तरह बेइज्जती से धन कमाना शायद शाहरुख की तमन्ना रही हो और किस्मत ने एक बार फिर उनकी बात सुनी ।
वही हुसैन साहब की सरस्वती फिर जिह्वा पर विराज गई और एनसीबी ने उनकी इज्जत का तिया पाँचा कर दिया।
अब सचमुच खानों को डर लगेगा।
चिंता की बात यह है कि अब तक लाल सलाम करते वामपंथी इस बात के लिए आगे नहीं आए हैं कि ड्रग्स और फ्री सेक्स भी युवाओं का मौलिक अधिकार है। इस पर रोक लगाना मोदी सरकार की तानाशाही है।
कोई आश्चर्य नहीं कि एलजीबीटीक्यूए को सपोर्ट करने वाली बिरादरी ही आ जाएगी, ड्रग्स और ओपेन सेक्स को सामाजिक मान्यता दिलवाने ।
परंतु आजकल चैनल पर आर्यन ३६० डिग्री लॉन्च हो चुका है, शाहरुख की तमन्ना पूरी हो गई ।
बेटा ऑफीशियली ड्रग्स लेता पकड़ा गया है और डिज्नी हॉटस्टार पर उनकी बेइज्जत होने की योजना को लॉन्चिंग पैड मिल गया है।
सार्वजनिक रूप से थू थू होना बाकी है ।
कल से वो भी हो जाएगा ।
बहुत जल्द मुसलमान होने की वजह से सताए जाने की खबर भी उछाली जाएगी जैसा संजय दत्त के आर्म्स मामले में उछाली गई थी । खानों को डर लगने लगेगा । कमल हासन का एकादशावतार और कई लोग भारत छोड़कर जाने की जिद करेंगे|
सरकार से प्रार्थना है कि उनका डिपोर्टिंग सुनिश्चित करे।
रामगोपाल वर्मा जी और राजू हीरानी जी से निवेदन है कि इस पर भी एक फ़िल्म बनायें, चाहे ओरिजिनल एक्यूज़्ड को हीं मेन रोल दे दें क्योंकि जब तक वे बाकी स्टार कास्ट फ़ाइनल करेंगे तब तक इन रसूखदारों को जमानत हीं मिल जायेगी।
जब कैद में पड़े संजय दत्त को लेकर “पीके” बना लिया तो आर्यन को लेकर “खाके” क्यों नहीं बना सकते हैं आखिर पुत्र भी खान के हैं।
और शाहरुख के लिये…
जस चाहेउ तस भोगहु ताता।

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