गुवाहाटी के ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित स्नेहालय ने बच्चों के आश्रयस्थल के नाम पर मंगवाए 31 करोड़ रूपए सारे धर्मांतरण में लगा दिए, मनमोहन सरकार ने भी की थी मदद

मोदी सरकार की नोटबंदी के फैसले ने एक साथ ही देश और दुनिया में , भारत का काला धन छिपा कर बैठे तमाम सफेदपोशों को रातों रात कंगाल बना दिया था। इसके बाद से तो जैसे भ्रष्टाचार के विरूद्ध भाजपा सरकार ने एक अघोषित युद्ध छेड़ दिया।
तब से लेकर अब तक ,कर ये हालिया नए कृषि कानूनों तक में संशोधन ,परिवर्तन करके तमाम घपले घोटालेबाजों ,बिचौलियों ,दलालों और कमीशनखोरों पर सरकार के ये कानून कर उन्हें उतनी ही कठोरता से लागू करने की प्रतिबद्धता कहर बन कर टूट पड़ी है।
विदेशी मुद्रा विनियमन व नियंत्रण कानून में किए गए संशोधन ने देश भर में स्वयं सेवी संस्थाओं की आड़ में किये जा रहे तमाम अपराध : यथा भ्रष्टाचार , कालेधन को सफ़ेद करने की कोशिश , धर्मांतरण आदि सब की हज़ारों लाखों दुकानों पर हमेशा के लिए ताले लग गए और हज़ारों अपना धंधा बंद कर भाग गए।
#FCRAViolation Guwahati based Snehalaya got Rs 31.18 Cr for children home, it proselytized kids in it, also @NCPCR_ found many anomalies in facilities despite huge funds. Former PM Manmohan Singh too gave MPLAD funds. Wrote @HMOIndia for cancellation of regtn #ConversionMafia pic.twitter.com/7dEaYTIQig
— Legal Rights Observatory- LRO (@LegalLro) December 1, 2020
सबसे सनसनीख़ेज़ मगर हैरान करने वाली बात नहीं , ये है कि इस संस्था को मायनो मैडम के इशारे पर मनमोहन सिंह सरकार से भी मदद और अनुदान के नाम पर करोड़ों रुपए लगातार दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
अब आप सब खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं कि , मोदी सरकार के आने और ऐसे फैसलों से क्यों सारा विपक्ष बौखलाया और बौराया घूम रहा है कभी शाहीन बाग़ और कभी किसान बन कर सड़कों पर पहुँच कर उपद्रव और अराजक हुआ जा रहा है।
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