चीन की दीवार से टकराकर क्यों टूट जाता है ‘जिहाद’!

यूँ तो अब इस दुनिया में जिहाद का मौसम हमेशा ही बना रहता है मगर जब जब कोई आपदा विपदा पहले ही इंसानियत पर हावी हो रही होती तो फिर ऐसे में इससे बेहतर मौक़ा जिहादी गिद्धों के पास दूसरा नहीं होता | एक दूसरे को पहले से ही खा नोंच रहे ये ऐसे मौकों पर एक साथ ही एक ही समय पर सियार वाली हुआ हू करने लगते हैं |
दुनिया को बहुत साफ़ साफ़ दिख रहा है कि एक तरफ जब , दुनिया एक नामुराद महामारी की चपेट में है ,ऐसे में भी कुछ वहशी हैवान दिल्ली , बंगलौर ,स्वीडेन ,..शहर शहर फूँक रहे हैं , सब कुछ जला रहे हैं ,तोड़ फोड़ रहे हैं | ये दिखाने के लिए की बकौल उनके , उनकी ये तकरीरें , उनकी ये हिंसा ,ये दंगे सब कुछ उस तथाकथित जिहाद का हिस्सा है |
चीन को चमगादड़ खा कर पूरी दुनिया में अपनी मनहूसियत फैलाने के लिए परोक्ष और प्रत्यक्ष रूप से पूरी दुनिया ने पहले ही लतिया कर अकेला कर दिया है ऐसे में जब जेहादियों ने भी चीन में अपना कोई कारनामा करने में इंट्रेस्ट नहीं दिखाया तो चीन मारे बौखलाहट के चाउमीन से चाउ चाउ टाइप फील कर रहा है |
इससे अलग जेहादी ,चीन की बाबत कह रहे हैं कि ,थू जो कीड़े मकोड़े , चमगादड़ तक खा कर जहर हग रहे हैं उन मरदूदो के यहां बम फोड़ के हूरें मिलने के चांसेज़ कम हो जाते हैं , अब इन्हें कौन बताए की हूरें मिलने वाली बात सरासर कतई और बहौत घनघोर रूप से गलत है , भारत के कई चैनलों ने “फैक्ट चैक ” में इसे ठोक पीट के साबित किया है |
वैसे ये सब बहाने हैं असल में तो चीन में कुछ भी करते इन जिहादियों की रूह फना हो जाती है क्यूंकि उन्हें पता है की चीनी जानवरों वो भी तरह तरह के वहशी जानवरों तक को नमक मिर्च लगा कर चट कर जाने का कुकर्म रोज़ करते हैं ऊपर से सब भिखमंगों कटोरी पकडे हुए देशों को चीन ने , अपने पैसे से सेविंग खाता खोल के दिया हुआ है इसी सब के मारे ये पिस्सू जिहादी चीन के बारे में सब जानते देखते हुए भी शतुरमुर्ग बन जाते हैं |
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