आतंकी संगठन PFI नौकरी घर देने के नाम पर कर रहा है दलित महिलाओं का धर्म परिवर्तन

जैसा कि मैं अपने पिछले आलेखों में भी बताता रहा हूँ कि इस समय देश के दो मुग़ल बाहुल्य राज्य वहां के शासकों के संरक्षण में धीरे धीरे पूरी तरह से मुग़ल प्रदेश बनने के रास्ते पर अग्रसर हैं। पहला है जय श्री राम के नारे से चिढ़ने वाली ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल और दूसरा है अपने यहां से ISISI के लिए जेहादी एक्सपोर्ट करने का अड्डा बन चुका केरल।
अब वहां से एक नए और खतरनाक षड्यंत्र रचे जाने का समाचार मिल रहा है। केरल में दलित महिलाओं को पहले प्रताड़ित करके गाँव ,मुहल्ला और कस्बा छोड़ कर भागने को विवश किया जाता है और फिर एक ढकी छुपी साजिश के तहत उन्हें नया घर ,नई नौकरी देने के बहाने मुग़ल बनाने की कोशिस की जा रही है।
चित्रलेखा नामक एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर को मार्क्सवादी दबंगों द्वारा जाति के नाम पर पहले उत्पीड़न करके गाँव से निकाल दिया गया। इसकी खबर मिलते ही PFI जो की केरल में घटने वाली बहुत सी आतंकी वारदातों में शामिल रहा है उसने चित्रलेखा को संरक्षण , नया घर और नई नौकरी की पेशकश इस शर्त पर की कि वो मुस्लिम धर्म अपना ले।
PFI offering home, job and money for conversion in Kerala? https://t.co/iTm8Uh1vOJ
— Sambit Patra (@sambitswaraj) November 25, 2020
इन परिस्थितयों में चित्रलेखा ने अपने फेसबुक पोस्ट पर आहत होकर ये घोषणा कर दी कि वो भी मुगलिया मज़हब अपना रही है।
जय हिन्द ,जय भारत।
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