विदेशी funding नियंत्रण कानून : मोदी जी का एक और सर्जिकल स्ट्राइक

‘एक बहुत पुरानी कहावत है , जबरा मारे भी और रोने भी न दे ” – मोदी सरकार राष्ट्र विरोधियों के विरुद्ध , बिलकुल इसी स्टाइल में काम कर रही है कि वे कलप कलप के घिसट घिसट के मर रहे हैं |
Amidst the dim of #FarmBills HM @AmitShah tables #FCRABill in LS . This will have a far reaching effect on the way NGOs are run in this country . No more service for gains … It has to be Seva for society .
— B L Santhosh (@blsanthosh) September 20, 2020
The recent FCRA bill benefits:-
— CA Ashutosh Soni (@CA_AshutoshSoni) September 21, 2020
❌Curb on religious conversions in tribal areas
❌Funding of church schools halted
❌Curb on terror funding.
❌Business of making black money into white by NGOs halted
❌funding in RIOTS by NGOs will be stopped#FCRABill #FCRA pic.twitter.com/fAH04j2KDg
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लाए गए विदेशी सहायता नियंत्रण कानून संशोधन विधेयक में ,
#अब कोई भी स्वयं सेवी संस्था/संगठन उसे मिल रही विदेशी अनुदान /सहायता की कुल राशि का सिर्फ 20 प्रतिशत ही अपने प्रशासनिक कार्यों (वेतन आदि देने में ) कर सकता है | अब से पहले तक यह राशि 50 प्रतिशत थी ,यानि समाज सेवा के नाम पर आधा पैसा खा लिया जाता था |
#यह कानून अब किसी भी सरकारी सेवक द्वारा कोई भी विदेशी अनुदान /फंडिगं को लेने से प्रतिबंधित कर देगा | कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक सेवा में है ,विदेश से किसी तरह की अनुदान राशि नहीं ले सकेगा |
#यह विधेयक , स्वयं सेवी संगठनों द्वारा विदेश से करोड़ों रुपये के अनुदान/पैसे के समुचित उपयोग की सुनिश्चितता में पारदर्शिता को तय कर देगा |
#इस नए संशोधन के बाद अब किसी भी नए स्थापित /गठित किए जाने वाले और पुराने सभी एन जी ओ के नवीनीकरण /रिन्यू करवाने के लिए कार्यरत सभी कर्मचारियों को अपना आधार पंजीकरण तथा की पासपोर्ट की प्रति ,(विदेशी नागरिक होने की दशा में OIC कार्ड भी जमा करना होगा | यानि अब सबको अपनी पहचान बतानी होगी |
#देश के सभी NGO (स्वयं सेवी संगठन ) को अब विदेश से मिलने वाला सारा अनुदान ,पैसा, फंड आदि अब सिर्फ एक ही आधिकारिक बैंक खाते (जो वर्तमान में दिल्ली की स्टेट बैंक होंगी ) में ही मंगवाने की अनुमति होगी ताकि इस पैसे और इसके उपयोग पर पूरी नज़र रखी जा सके
अब इसके परिणाम स्वरूप , देश भर में ईसाई मिशनरियों द्वारा कराए जा रहे हिन्दुओं के धर्मांतरण करने वालों और इनके पीछे बैठे आकाओं की दुकान बंद |
अरब और खाड़ी देशों से करोड़ों रूपए मंगवाकर कर ,कश्मीर में पत्थरबाजी और दिल्ली में दंगे करवाने वाले ,सिर्फ सायकल की दुकानों में पंचर बनाने का काम कर पाएंगे |
विदेशों से साँठ -गाँठ करके काले धन को सफ़ेद ,सफ़ेद को काले में बदलने का सारा खेल बंद
विदेशी फंडिग पर चलने और पलने वाले तमाम न्यूज़ चैनल , वेब पोर्टल , और राजनीतिक दलों की दुकानें बंद
Like Harsh Mander, yogendra yadav, prashant bhushan and organisation like karwa-e-mohabbat, PFI, SDPI which receives money from outside India to organise chaos, riots in the name of religion, region, caste, etc. pic.twitter.com/u4R5iENAVF
— CA Ashutosh Soni (@CA_AshutoshSoni) September 21, 2020
तो अब रविश कुमार से लेकर राजदीप जैसे , प्रिंट और वायर जैसे , आतंकी उमर खालिद से लेकर मेहबूबा और अब्दुल्ला जैसे , तमाम राष्ट्रद्रोही सोच वालों के पेट पर पड़ने वाली लात या कहें की मोदी जी द्वारा किये गए इस सर्जिकल स्ट्राइक की मार से आहत इन सबके रुदाली गान को सुनने के लिए तैयार रहिये |
और जैसा कि प्रणव अपने इस ट्वीट में एक पंक्ति में बता रहे हैं कि सिर्फ भारत विरोधी , राष्ट्र विरोधी संस्थाओं /संगठनों को चिंता करने की जरूरत है अब ,समाज सेवी संस्थाओं को नहीं |
Only "Anti National Organsitions" should worry, not the genuine NGOs. #FCRABill
— Pranav Mahajan (@pranavmahajan) September 21, 2020
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