The Wire माँग रही है भीख.. देश-धर्म के खिलाफ एजेंडा चलाने की कीमत 40 लाख हर महीने

च्च्च्च चच बेचारे , इतनी जल्दी ये नौबत आ गई की देश के विरुद्ध , हिन्दुओं के विरूद्ध लगातार झूठ ,भ्रम और प्रोपेगेंडा फैला कर अपना धंधा चलाने वाले पोर्टल “The Wire ” को हाथ फैला फैला कर सोशल नेटवर्किग साइट्स पर इसका शटर बंद होने से बचाने के लिए पैसे मांगने पड़ रहे हैं। अब बेचारे करें भी तो क्या ,सच्चे पत्रकार लोग हैं , पत्रकारिता के जज्बे से जुड़े हुए हैं इसलिए मात्र 40 लाख प्रति माह में ही जैसे तैसे गुजारा चल जाएगा और एजेंडा भी।
The Wire needs Rs 40 lakh a month from its readers to keep doing the work we do. We are India's largest community-funded news organisation today because of your backing. Support The Wire. Support Independent journalism. Click to make your contribution now! https://t.co/AmhAA2alx0
— Siddharth (@svaradarajan) December 17, 2020
वैसे लगे हाथ ये भी बता दें कि अभी कुछ समय पहले ही इन्हें अपनी इस झूठ और प्रोपेगण्डे वाली साइट से भारत के विरोध में लिखने छपने के लिए मात्र तीस लाख चाहिए थे और इधर जब कोरोना काल में बाकी सब अपने खर्चों में कटौती और किफायत कर रहे हैं तो इन्हें अपने वायर का शार्ट सर्किट रोकने के लिए दस लाख और बढ़ा कर चाहिए। इस पर एक दिलचस्प प्रतक्रिया इनको एक यूज़र ने वहीँ दी है।
Just 5 months back you needed 30L a month.
— Laal Timaatar (@4Sqft) December 17, 2020
Kya bhukkhadgiti hai yeh?https://t.co/TVACWVlhjN
असल में ये करें भी क्या बेचारे ,मजलूम ,मुफलिसी के मारे कुंठित लुंठित लोग , लाख लाख रूपए के मोबाइल और लैपटॉप से तो एजेंडा चलना पड़ता है , फिर इधर पाकिस्तान चीन तुर्की तक अपनी अपनी गुल्लक फोड़ कर अपना काम चला रहे हैं तो अब उनके पिट्ठू बन चुके इन्हें कोई दे भी कितना और कब तक दे।
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