ईश्वर और गुरु

उसके पश्चात वामन पंडित सज्जनगढ़, समर्थ रामदास स्वामी के दर्शन के लिए गए, समर्थ दास जी ने उनकी पीठ पर दायाँ हाथ रख कर आशीर्वाद दिया ।
पंडित : सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद क्यों नहीं दिया ?
इस प्रसंग से यह सिद्ध होता है कि ईश्वर और गुरु एक ही होते हैं।
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