गुरुजी गोलवलकर (संघ) का विरोध : पी विजयन की चाटूकारिता का प्रदर्शन

हाल ही में केरल के वामपंथी मुख्यमंत्री पी विजयन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी का नाम परिवर्तन करने का विरोध किया है और इस विरोध की एकमात्र वजह है कि भारत सरकार ने इस इंस्टीट्यूट का नाम पूज्य गुरुजी गोलवलकर के नाम पर रखने का फ़ैसला किया है।
पी विजयन के विरोध में साथ देने वालों में एक प्रमुख नाम कॉंग्रेसी सांसद शशि थरूर का भी है और शशि थरूर ने ट्वीट करके पूछा है कि साइंस के क्षेत्र में गुरुजी का क्या योगदान है।
So the 2nd campus of Thiruvananthapuram's RGCB is to be named ''Shri Guruji Madhav Sadashiv Golwalkar National Centre for Complex Disease in Cancer &Viral Infection''! What is MSG's contribution to science other than promoting the disease of communalism?
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 5, 2020
https://t.co/oVkS4z5in9
तो सुनिए थरूर और पी विजयन, चापलूसी करने की भी एक हद होती है। आप बताइए…
गांधी नेहरू परिवार का क्या योगदान है साइंस के क्षेत्र में,
गांधी नेहरू परिवार का क्या योगदान है खेल क्षेत्र में,
गांधी नेहरू परिवार का क्या योगदान है कृषि क्षेत्र में,
गांधी नेहरू परिवार का क्या योगदान है शिक्षा क्षेत्र में,
या अन्य किसी भी क्षेत्र में,
तो फिर क्यों उनके नाम पर इतनी सारी योजनाएं, पुरस्कार और संस्थान है और तब आपको कोई तकलीफ़ नही थी।
जहाँ तक पूज्य गुरुजी के योगदान की बात है तो वो आपकी घटिया सोच से परे है, यदि आप पूज्य गुरुजी के बारे में थोड़ा भी ज्ञान रखते तो ऐसी निम्न स्तर की बात नही करते।
60 – 70 वर्षों से ये देश झूठे नामों को ढ़ोता आ रहा है, लेकिन अब ये नही चलेगा, अब सिर्फ उन्हें ही सम्मान दिया जाएगा जो वास्तव में इसके हक़दार है और जिनका ये देश सदैव ऋणी रहेगा।
जय हिंद ????
DISCLAIMER: The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carries the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text.