इंसानियत को शर्मसार करने वाला , मानवता को ख़त्म करने वाला कोई आतंकी कृत्य हो या किसी व्यक्ति के विरूद्ध किया जाने वाला अपराध हो और यदि इसमें कोई मुग़ल आरोपी तो फिर वो हैवानियत की सारी सीमाएं तोड़ देने वाला कुकर्म बन जाता है।

हाल ही में पाकिस्तान में मुहम्मद इफ्तखार नामक एक मुग़ल ने अपनी नाबालिग बहन को ही अपनी हवस का शिकार बना दिया और जब ये बात लोगों को पता चली तो पूरी निर्दयता से उसका क़त्ल कर दिया।

मुगलों के सर्वकालिक अब्बूजान तुर्की पाकिस्तान जैसे कट्टर मज़हबी और शरीया कानूनों को लागू कर बर्बर कबीलाई सभ्यता में रहते इन देशों के मुगलों की मानसिकता कितनी घिनौनी है इसका अंदाज़ा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान में होने वाले सारे बलात्कार में से 95 प्रतिशत में आरोपी मुजरिम पीड़िता का भाई ,पिता एवं मामू जान ,चिचा जान ही हैं।

अब ये अनुमान लगाना कोई कठिन बात नहीं है कि जो हैवान अपने घर की अपनी संतानों तक के साथ वहशीपन और दरिंदगी की सारी सीमाएं तोड़ सकते हैं /देते हैं , वे दूसरों के साथ किस हद तक क्रूर जालिम हो सकते हैं ?

दूसरी अधिक खतरनाक बात ये है कि हज़ारों सालों से नारी शक्ति के साथ इतने भयंकर जुल्म करते इनका विरोध करने की हिम्मत तो दूर महिलाएं आज तक अपनी विवशता और गुलामी के काले चोगे तक को उतार कर फेंकने का साहस नहीं कर पाईं हैं।

इनके मज़हबी ठेकेदार , खलीफा मौलवी ,मसीहे भी मुगलों के इन पतित अपराधों और हैवानियत से भरे इस चरित्र के विरूद्ध कभी मुंह नहीं खोलते , शक्तिशाली पदों और हैसियत वाले मुग़ल भी चुपचाप ये सब होते देखते रहते हैं और यही इन सबके इतने घिनौने होते जाने की वाज़िब वजह है। पूरी इंसानियत के दुश्मन बन चुके ये मुग़ल , इन पर लानत है।

DISCLAIMER: The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carries the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text.