आज का मुद्दा दीपावली: एक प्रकाशमान पर्व या जगमगाहट इवेंट! दीपावली का मूल स्वरूप ! – दीपावली यह शब्द दीप + आवली (पंक्ति) इन दो शब्दों की संधि से बना है । इसका अर्थ है,...
बिना श्रेणी लक्ष्मी पूजन करने की पद्धति एवं महत्व ! कार्तिक अमावस्या को अर्थात लक्ष्मी पूजन के दिन सभी मंदिरों, दुकानों एवं हर घर में श्री लक्ष्मी पूजन किया जाता है । कार्तिक अमावस्या...
धर्म और दर्शन धनत्रयोदशी एवं धन्वंतरी जयंती का महत्व ! कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी इस तिथि को धनत्रयोदशी (धनतेरस) त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष यह 10 नवम्बर को है। दीपावली के साथ (आसपास) आने...
बिना श्रेणी आदर्श दीपावली मनाएं ! – सनातन संस्था ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ इस श्लोक का अर्थ है ‘हे भगवान ! आप मुझे असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले कर...
बिना श्रेणी वसुबारस (गोवत्स द्वादशी) का महत्व ! अश्विन कृष्ण द्वादशी के दिन वसुबारस तथा गुरु द्वादशी यह त्यौहार मनाए जाते हैं। वसुबारस या गोवत्स द्वादशी यह दिन दीपावली के साथ (आसपास)...
संस्कृति संस्कृति संस्कृति संस्कृति संस्कृति संस्कृति संस्कृति संस्कृति देवी का माहात्म्य व उपासना ! भारत में विविध संप्रदाय कार्यरत हैं । इन संप्रदायों के अनुसार संबंधित देवताओं की पूजा उपासना पद्धति प्रचलित है। गाणपत्य, शैव, वैष्णव, सौर्य, दत्त...
बिना श्रेणी नवरात्रि में देवी द्वारा धारण किए गए नौ रूप एवं उनकी कार्यानुसार विशिष्टताएं ! प्रस्तावना – युगों युगों से नवरात्रि का व्रत किया जाता है। इन नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है ।...
बिना श्रेणी नवरात्री व्रत का इतिहास, महत्त्व तथा शास्त्र ! सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते ।। अर्थ : समस्त प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी कल्याण करने...
बिना श्रेणी नारायणबलि, नागबलि एवं त्रिपिंडी श्राद्ध प्रस्तुत लेख में ‘नारायणबली, नागबलि व त्रिपिंडी श्राद्ध’ के विषय में अध्यात्मशास्त्रीय विवेचन पढें । इसमें मुख्य रुप से इन विधियों के संदर्भ में...
बिना श्रेणी पितृपक्ष और श्राद्ध विधि करने का महत्व ! हिंदू धर्म में बताए गए ईश्वर प्राप्ति के मूलभूत सिद्धांतों में से एक अर्थात ‘देवऋण, ऋषि ऋण, पितृऋण और समाज ऋण यह चार ऋण...