विश्व-बंधुत्व की भावना को सच्चे अर्थों में साकार करता है – एकात्म मानवदर्शन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर विशेष सरलता और सादगी की प्रतिमूर्त्ति पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुमुखी एवं विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनका जीवन...

उप सभापति का आचरण न केवल प्रशंसनीय, अपितु अनुकरणीय और वरेण्य भी है|

लोकतंत्र में सार्थक एवं समूहिक विमर्श अनवरत जारी रहना चाहिए| विरोध और असहमतियों के मध्य संवाद और सहमति की पहल एवं प्रयास भी सतत...

कृषि बिल समझने के लिए ज़रूरी लेख: मोदी सरकार के बिल से होगा किसानों की स्थिति में सुधार

कृषि एवं किसानों के हितों से जुड़े विधेयकों के पारित होने के पश्चात उसके पक्ष और विपक्ष में तमाम दलीलें दी जा रही हैं|...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : राजनीति और सेवा

राजनीति भी व्यापक मानवीय संस्कृति का एक प्रमुख आयाम है| भारतीय जनमानस के लिए राजनीति कभी अस्पृश्य या अरुचिकर नहीं रही| स्वतंत्रता-आंदोलन के दौर...

हिंदी दिवस: राष्ट्रीय कर्मकांड और औपचारिक अनुष्ठान का अनूठा दिवस!

हिंदी-दिवस: राष्ट्रीय कर्मकांड और औपचारिक अनुष्ठान का अनूठा दिवस है| एक बार फिर मर्सिया पढ़ा जाएगा, एक बार फिर विरुदावलियाँ गाई जाएँगीं; एक बार...

साक्षात्कार या साजिश ??

सुशांत सिंह प्रकरण पर अखबारों के पन्ने रंगे जा चुके हैं, चैनलों पर तरह-तरह की कहानियाँ 24×7 परोसी जा रही हैं। ऐसा लगने लगा...

बेंगलुरु-हिंसा से उठते सवाल…

किसी भी सभ्य समाज में मार-काट, उपद्रव, हिंसा, आगज़नी, अराजकता आदि के लिए कोई जगह नहीं होती| ऐसी दुष्प्रवृत्तियों को कदापि स्वीकार नहीं किया...

”परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम……….!”’

”परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम……….!”’सत्य, अहिंसा, करुणा, प्रेम आदि शाश्वत भाव हैं और किसी भी सभ्य समाज में इन मूल्यों को पालित-पोषित करने की...