लव-जिहाद के खिलाफ़ बनने वाले कानून पर सूडो सेकुलरों को आपत्ति क्यों ?

उत्तरप्रदेश सरकार ‘विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020’ लेकर आई है। स्वाभाविक है कि इसका आकलन-विश्लेषण सरकार के समर्थक और विरोधी अपने-अपने ढ़ंग...

अंबानी-अडानी या किसी भी उद्योगपति में नायक की छवि देखिए, खलनायक की नहीं।

अंबानी-अडानी या किसी भी उद्योगपति में नायक की छवि देखिए, खलनायक की नहीं। राष्ट्र के विकास व निर्माण में उनकी महती भूमिका की अनदेखी...

केवल विरोध के लिए विरोध की मानसिकता

सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ बुद्धिजीवियों द्वारा दायर की गई जनहित याचिका के आधार पर फ़िलहाल नए संसद-भवन के निर्माण पर  रोक लगा दी है।...

निरंतर बढ़ती हिंसक एवं अराजक प्रवृत्तियाँ लोकतंत्र के लिए घातक।

पहले जेएनयू, फिर शाहीनबाग, फिर हाथरस और अब किसान आंदोलन! एक जैसे नारे, एक जैसे तरीके, मगर रूप अलग-अलग। 2019 में प्रधानमंत्री मोदी की...

राम से भारत और भारत को राम से कभी विलग नहीं किया जा सकता!

राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है|कोई कवि बन जाय, सहज संभाव्य है|| राम केवल एक नाम भर नहीं , बल्कि वे जन-जन के...

भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर….!

6 दिसंबर, आज भारतरत्न डॉ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनके सुविचारों की सुधि हो आना स्वाभाविक है। वे...

हिंदुत्व कभी कट्टर और आक्रामक नहीं हो सकता!

ठंड में कोरोना के बढ़ते प्रसार और उसकी चिंताओं के बीच पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और असदुद्दीन ओवैसी के बयानों ने पर्याप्त सुर्खियाँ बटोरीं...

मजहबी कट्टरता या पृथक पहचान की राजनीति देश के लिए शुभ संकेत नहीं

एआईएमआईएम के जीतकर आए विधायकों ने शुरुआत में ही अपने रंग दिखाने प्रारंभ कर दिए हैं। उन्हें वंदे मातरम बोलने और गाने से तो...

अपनी परंपराओं और त्योहारों के महत्त्व को पहले स्वयं समझें और फिर भावी पीढ़ी को भी समझाएँ

लोक-आस्था का महापर्व छठ बिहार-झारखंड-पूर्वी उत्तरप्रदेश के निवासियों की स्मृतियों में बहुत गहरे पैठा है। मैकॉले प्रणीत शिक्षा-पद्धत्ति का दोष कहें या छीजते विश्वास...