इन दिनों बॉलीवुड में जितनी भी फिल्में रिलीज हो रही है उसके साथ बॉयकॉट शब्द भी साथ-साथ चल रहे हैं. इसी कड़ी में एक और फिल्म है जिसका नाम है ‘ब्रह्मास्त्र’ जो बड़े ही ताम-झाम साथ रिलीज होने को तैयार है. रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म में 300 करोड़ रुपये खर्च किये गए है. लेकिन सोशल मीडिया पर जिस तरह से #BoycottBrahmastra ट्रेंड कर रहा है उससे आसार तो यही लग रहे हैं कि कहीं इसकी भी हालत आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा वाली ना हो जाए!

सोशल मीडिया पर ब्रह्मास्त्र के खिलाफ जारी कैंपेन लगभग आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा की तरह ही मजबूत है. फिल्म से जुड़े कई हैशटैग ट्विटर ट्रेंडिंग में टॉप पर हैं. दर्शकों का विरोध और गुस्सा किस हद तक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि #BoycottBrahmastra #Brahmastra #RanbirKapoor #AliaBhatt और #BoycottBollywood पर लाखों में  ट्वीट और रीट्वीट हो रहे हैं.

दरअसल फिल्म के बॉयकॉट के पीछे एक कारण हो तब ना यहां तो फिल्म ना देखने के लिए कारणों की भरमार है. दरअसल सबसे पहले बात फिल्म के ट्रेलर की जिसमें ‘ब्रह्मास्त्र’ को ‘शस्त्रों का देवता’ कहा गया है, जबकि शास्त्र के मुताबिक कोई भी एक अस्त्र किसी दूसरे अस्त्र से श्रेष्ठ नहीं हो सकता, हर अस्त्र की अपनी खासियत होती है अपनी उपयोगिता होती है। वहीं जब फिल्म में पौराणिक छंदों और शास्त्रों की बात की गई है तो वहां उर्दू का क्या काम? नेटीजन्स ने संस्कृति के साथ हुए खिलवाड़ पर प्रश्न किया है.

वहीं दूसरी ओर फिल्म के एक दृश्य में रणबीर कपूर जूते पहन कर मंदिर की घंटी बजाते हुए दिख रहे हैं, जिससे हिन्दू धर्म की भावनाएं एक बार फिर बॉलीवुड फिल्मों ने आहत की है. रणबीर कपूर का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें वे अपने पसंदीदा खानों के बारे में बता रहे हैं. एक्टर कह रहे हैं कि उन्हें मटन, पाया, बीफ, रेड बीफ पसंद है. यहां तक कि वो बीफ के दीवाने हैं. जिसे लेकर भी ब्रह्मास्त्र का विरोध किया जा रहा है.

वहीं ब्रह्मास्त्र को करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस धर्मा ने बनाया है. जो फिल्म के विरोध के मुख्य कारणों में से एक मानी जा रही है. करण जौहर को बॉलीवुड में नेपोटिज्म का मठाधीश करार दिया जा रहा है. सुशांत सिंह राजपूत जैसे तमाम एक्टर्स का करियर तबाह करने वाला बताया जा रहा है. करण जौहर पर पाकिस्तान परस्ती का आरोप लगता रहा है और साथ ही ये भी कहा जाता रहा है कि शाहरुख खान की ‘माई नेम इज खान’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने हमेशा इस्लाम के मानवीय चेहरे को दर्शकों के सामने परोसने का काम किया है. जबकि भारत और भारतीय संस्कृति मजाक बनाया जाता है.

हाल ही में ‘ब्रह्मास्त्र’ के प्रोमोशन के दौरान करण जौहर ने बोला, “देखिए अगर आपको लगता है आपको देखना चाहिए और मत देखिए अगर आपको लगता है कि नहीं देखना चाहिए। क्योंकि कोई भी आप पर दबाव नहीं डाल रहा है फिल्म देखने के लिए। किसी ने भी आपके सिर पर बंदूक रखकर आपको फिल्म देखने के लिए नहीं कहा है मैं ऐसा महसूस करता हूं इसलिए मैं ट्रोल्स को गंभीरता से लेता नहीं हूं।”

लेकिन इन्हें कौन समझाएं कि आप भले ही दर्शकों को हल्के में ले रहे हैं लेकिन जब बॉयकॉट का मौसम चल रहा हो तो आपको रिस्क नहीं लेना चाहिए. वो भी तब जब फिल्म की रिलीज डेट सामने हो. खैर इसका जवाब आपको दर्शक जल्दी देंगे .

वहीं फिल्म में आलिया भट्ट भी हैं जिनके परिवार के कारनामें भी ट्विटर पर शेयर किये जा रहा हैं जिसकी वजह से फिल्म का विरोध किया जा रहा है. आलिया, महेश भट्ट और सोनी राजदान की बेटी हैं. महेश भट्ट पर हिंदू फोबिक होने के आरोप लगते रहे हैं. महेश भट्ट की कई तस्वीरें भी वायरल हैं जिसके जरिए यह बताने की कोशिश की जा रही है कि वह मुस्लिमों के हिमायती हैं. जाकिर नाइक पर तो महेश भट्ट ने फिल्म बनाने की इच्छा भी जाहिर कर दी थी. वहीं आलिया की मां सोनी राजदान की वजह से भी फिल्म को निगेटिव कैंपेन का सामना करना पड़ रहा है. सोनी राजदान का वह बयान भी खूब वायरल हो रहा जिसमें उन्होंने पाकिस्तान चले जाने को बेहतर करार दिया था.

इसके अलावा मुंबई में आतंकी हमलों में अहम किरदार रहे आतंकी डेविड हेडली के साथ भट्ट परिवार के पुराने कनेक्शन को लेकर भी आलिया की फिल्म का विरोध किया जा रहा है. महेश भट्ट का बेटा और आलिया का भाई राहुल, डेविड का दोस्त था.

फिल्म का विरोध करने के इतने कारण कम थे क्या कि आलिया भट्ट अपनी भद्द पिटवाने चली आयी. दरअसल आलिया का वह बयान भी खूब वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हम पसंद नहीं हैं तो हमें देखते ही क्यों हो. अब बेचारे यहां दया तो रणबीर कपूर पर आ रही है. एक तो बीवी घमंड दिखा रही है, ऊपर से ‘शमशेरा’ सुपरफ्लॉप हुई वो अलग. चलिए एक और फिल्म के जरिये बॉलीवुड की बर्बादी देखने के लिए तैयार हो जाइए!

 

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