बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले CBI ने बड़ी कार्रवाई की है. जिसके तहत बुधवार को सीबीआई ने कई जगहों पर छापेमारी की है. CBI ने आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह, सांसद अशफाक करीमी और RJD के नए नवेले राज्य सभा सांसद फ़ैयाज़ अहमद के ठिकानों पर छापेमारी की. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नौकरी घोटाले के लिए कथित जमीन, अवैध खनन और वसूली की जांच से जुड़े मामले में बिहार और झारखंड दोनों ही राज्यों में सीबीआई ने ये एक्शन लिया है.

यह मामला जमीन के बदले रेलवे में रोजगार घोटाले से जुड़ा है। वहीं फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले पड़े इन छापों को लेकर आरजेडी ने सवाल उठाया है। वहीं दूसरी तरफ ED ने खनन घोटाले में एक्शन लिया है। झारखंड की राजधानी रांची, दिल्ली और तमिलनाडु में 17 जगहों पर ED की रेड जारी है। झारखंड के CM हेमंत सोरेन के करीबी रहे प्रेम प्रकाश के रांची स्थित ठिकानों पर ED छानबीन कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने तीन महीने पहले केस दर्ज किया था। इसके बाद राबड़ी आवास पर छापेमारी की गई थी। इसमें तेजस्वी यादव के कमरे से कई दस्तावेज सामने आने की बात कही गई थी। इस छापेमारी के बाद ही लालू यादव के सबसे करीबी माने जाने भोला यादव को गिरफ्तारी किया था। भोला यादव से पूछताछ के बाद सीबीआई की यह कार्रवाई शुरू हो रही है।

वहीं झारखंड में खनन घोटाले में ED ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी रहे प्रेम प्रकाश के रांची स्थित ठिकानों पर छापा मारा। इस घोटाले के सिलसिले में ही ED ने दिल्ली और तमिलनाडु में भी छापा मारा है। रांची में प्रेम प्रकाश के पुराने दफ्तर पर रेड पड़ी है। प्रेम प्रकाश की झारखंड की राजनीति में गहरी पैठ मानी जाती है। ED ने कुछ दिन पहले उससे पूछताछ की थी और उसे छोड़ दिया था। ED कई DMO और मुख्यमंत्री के प्रेस एडवाइजर और कुछ विधायक प्रतिनिधियों से भी पूछताछ कर चुकी है। वहीं ED की कार्रवाई को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने हेमंत सरकार पर हमला बोला है.

केंद्रीय जांच एजेंसियों की तरफ से हो रही कार्रवाई के बीच बिहार में एक के बाद एक RJD नेताओं के यहां हो रही छापेमारी ने महागठबंधन की नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती पैदा कर दी है.

 

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