UPSC का mains क्लियर करने वालों की एलीट सोच ने ही देश को ये आंकड़े दिए हैं!

चीन द्वारा चमगादड़ खा कर कोरोना हगने (बोले तो छी छी करना ) से जो बीमारी फैली उसने पूरी दुनिया को तहस नहस कर दिया है , हालाँकि पूरी दुनिया को ये विश्वास है कि इतने भयंकरतम अपराध करने के बावजूद भी चीन ज़रा सा भी सुधरा नहीं होगा और आज भी वहां केंचुए और जोंक तक खाया पकाया जा रहा होगा।
लेकिन इस कोरोना को भी दूर दूर तक ये अंदाज़ा नहीं होगा कि पिछले एक साल में दुनिया और देश में भी लोगों को लगातार मारते जाने और इस बीमारी के बेतहाशा फैलते जाने के बावजूद भी इस देश में उसे लोगों ने अपने ठेंगे पर रख दिया। किसी ने कोरोना को जला दिया तो किसी ने उसे बजा दिया , और किसी ने उसे अपनी राजनीति के लिए सज़ा लिया।
मगर कोरोन भी उस वक्त मारे शर्म के डूब मरने की हालत में हो जाता है जब सरे आम कोई हड़काते हुए कह देता है ” नहीं लगाना मास्क , दो दो बार UPSC का mains क्लीयर किया हुआ है , कोई मजाक समझा है क्या ” , लिल्लाह ! अब कईयों के तो कुछ भी नहीं पल्ले पड़ा होगा , कई सोच रहे होंगे कि जरूर ये UPSC कोरोना की ही कोई वैक्सीन होगी जो अगले या अगली ने लगवा रखी है। मगर हे मासूम इंसान , मास्क तो उसे भी लगाना है जिनके किसी भी तरह की भोकसीन लग चुकी है। छुट्टा सांड हो कर तो वो भी नहीं घूम सकता।
चाचा विधायक हैं हमारे , ग्राम प्रधान का जीजा , के बाद आजकल यही सुनाई दिखाई दे रहा है ” UPSC का mains दिया है ” . और असल में आज देश जिस भयंकर और भयानक हालातों में पहुँचा दिया गया है उसमें इन जैसों की सोच और व्यवहार भी बहुत हद तक दोषी हैं।
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