झारखंड में जहां सियासी उठापटक अपने चरम पर है वहीं एक विशेष समुदाय ने भी पूरी तरह से झारखंड में आतंक मचा रखा है. अभी दुमका में अंकिता को मुस्लिम लड़के शाहरुख द्वारा जलाने के मामले में इंसाफ दिलाने की लड़ाई चल ही रही है कि इसी बीच अब महादलित परिवारों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों की तरफ से ज्यादती की खबर है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पलामू जिले के पांडू प्रखंड के मुरुमातु गांव के नजदीक टोंगरी के पास कई दशकों से बसे महालदित परिवार के 50 लोगों के घर उजाड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मदरसे की जमीन बताते हुए उनके घरों को तोड़ दिया और लोगों को गांव से बाहर निकाल दिया। अब ये सभी महादलित परिवार आशियाने के लिए भटक रहे हैं। बताया जा रहा है महादलित परिवार के लोग यहां 30 सालों से भी अधिक समय से रह रहे थे।

साभार-भास्कर

पीड़ितों की शिकायत है कि सोमवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने नाजायज मजमा बनाकर उनके मिट्टी और फूस के बने घरों को उजाड़ दिया। साथ ही उनका सामान जबरदस्ती गाड़ी पर लादकर छतरपुर प्रखंड लोटो गांव के पास छोड़ दिया गया है। पीड़ित परिवारों में कुछ पांडू थाना पहुंचकर सोमवार की दोपहर बाद शिकायत की है। पांडू के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल पदाधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है। वे जांच कर उचित न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे।

पीड़ितों के मुताबिक करीब 50 लोग बरसात के इस मौसम में बेघर हो गए हैं। सर्वें से पहले से वे लोग उस पहाड़ी के नजदीक मिट्टी का मकान और झोपड़ी बनाकर रहते आ रहे हैं। दिनभर अलग-अलग गांवों में भीख मांगते हैं और शाम में घर में लौटने के बाद सभी झोपड़ी में सुकून से खाना खाकर सोते हैं। उनके बच्चे भूखे हैं। मकान और झोपडी उजड़ने की वजह से कोई भी परिवार सुबह में खाना नहीं पका सका है।

वहीं अब इस पूरे मामले में बीजेपी ने CM हेमंत सोरेन सरकार पर हमला किया है। पूर्व सीएम रघुबर दास ने कहा कि हिम्मतवाली सरकार में जिहादियों की हिम्मत बढ़ गई है। महादलित परिवारों को घरों को मदरसे की जमीन बताकर तोड़कर बेघर कर दिया और यह गूंगी-बहरी सरकार मौज मस्ती में लगी रही। यह साबित करता है कि सरकार के सरंक्षण में राज्य की डेमोग्राफी बदलने के लिए सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र चल रहा है।

दरअसल झारखंड में हाल के दिनों में एक के बाद एक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें मुस्लिम समुदाय ने हिंदुओं पर अत्याचार किये हैं और इसमें कहीं से भी सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया है. अब तो ऐसा लगने लगा है कि सरकार एक खास समुदाय वालों को शह दे रही है जिससे इनका मन बढ़ता ही जा रहा है.

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