‘जनता जनार्दन’ ऐसे ही नहीं है, खास कर सियासत में कब किसे सिर माथे लगा दें और कब किसे गद्दी से चलता कर दे, पता ही नहीं होता, खुद को जनता का हितैषी बताने वाले कई ऐसे नेता हैं जो AC लगे कमरों में, टीवी चैनलों के बड़े स्क्रीन पर भले कुछ भी बोल लें लेकिन जब वो जनता के बीच पहुंचते हैं तब वहीं जनता उन्हें आईना दिखाने का काम करती है.

मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुआ दो अलग-अलग पार्टी के नेताओं के साथ, सबसे पहले बात कांग्रेस के नए नवेले नेता कन्हैया कुमार की कर लेते हैं, दरअसल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने पहुंचे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार पर स्याही फेंक दी गई, सबसे दिलचस्प बात ये रही ही कि ये घटना कांग्रेस के ही लखनऊ मुख्यालय में हुई। अब इस घटना का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है, हालांकि काफी धक्का-मुक्की के बीच कन्हैया कुमार के समर्थक किसी तरह उन्हें बचा कर अंदर तक ले जाते हैं. कन्हैया कुमार लखनऊ सेंट्रल के प्रत्याशी सदफ जफर के लिए प्रचार-प्रसार करने पहुंचे थे।

कन्हैया कुमार का नाम कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अपने ‘स्टार प्रचारकों’ की लिस्ट में रखा है। इधर कांग्रेस नेताओं का दावा है कि ये स्याही नहीं, बल्कि एसिड है।अब भला चुनाव है तो स्याही को एसिड बताने में दिक्कत क्या है इससे शायद कांग्रेस के थोड़े वोट ही बढ़ जाए

मंगलवार को सिर्फ कन्हैया कुमार का ही मुंह काला नहीं हुआ बल्कि AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के मुंह पर भी कालिख पोत दी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वारिस शाह मंगलवार को मुंबई से इंदौर पहुंचे थे। यहां खजराना दरगाह पर चादर चढ़ाने पहुंचे। इसी बीच भीड़ में से किसी ने उनके चेहरे पर स्याही पोत दी और भाग गया। वारिस पठान भी कुछ समझ नहीं सके और नीचे मुंह करके बैठे रहे। बाद में बड़ी मुश्किल से चेहरे से स्याही निकाली।

पुलिस के मुताबिक वारिस पठान के चेहरे पर स्याही फेंकने वाला 30 साल का सद्दाम मजदूरी का काम करता है। उसने पूछताछ में बताया कि कि वारिस पठान मुझे पसंद नहीं है, क्योंकि ये हमेशा देश विरोधी बातें करता रहता है और मुस्लिमों को बदनाम करता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वैसे आपको याद दिला दें  वारिस पठान ने धमकी देते हुए कहा था, “15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। इस तरह के कई बयानों को लेकर वो सुर्खियों में रहे हैं.

तो समझ ही गए होंगे आप…जब ऐसे नेता बंद कमरे से बाहर ग्राउंड पर निकलते हैं तो इन्हें खुद सच्चाई पता चलती है. इसलिए हम तो यही कहेंगे कि अभी भी समय है संभल जाइए ।

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