काँग्रेसी मित्रों को सादर आभार जिन्होंने, आज भी गोडसे को उतना ही प्रासंगिक बना रखा है। इसी बहाने वे गोडसे और उनकी विचारधारा के बारे में आज के युवाओं के मन में प्रश्न तो निश्चित ही खड़े कर रहे हैं। 

बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी … आज के इंटरनेट युग का विचारशील युवा आप से ये जरूर पूछेगा या स्वयं गूगल पर जरूर खोजेगा कि ऐसे क्या कारण थे कि १९४८ में एक युवा द्वारा उस व्यक्ति की हत्या की गई जिसे कि देश की स्वतंत्रता प्राप्ति का प्रमुख कारण बताया जाता था। 

क्या बताओगे उसको !!?? आप तो इस विषय पर चर्चा तक नहीं करना चाहते हो न किसी को करने देते हो !!

गांधी कितने बड़े महात्मा थे और गोडसे कितने बड़े पापी ये तय करने के लिए भी चर्चा तो करनी ही होगी और यही तो आजतक हुआ नहीं कि इन मुद्दों पर खुली बहस या चर्चा हुई हो। 

यही तो हम चाहते है कि आप चर्चा तो करो। 

😉 

भई, कम से कम पता तो चले कि जिस व्यक्ति को किसी भी पाठ्यक्रम में स्थान नहीं मिला, जिसके नाम पर कोई पुरस्कार, चौराहा, मोहल्ला, इमारत नहीं उसके बारे में चर्चा क्यों होती है? क्यों बहुत से लोग उसे पसंद करते हैं? क्या कारण है जो सोशल मीडिया और मैन स्ट्रीम मीडिया में उसे हर बार जगह मिलती है !!??

इस बारे में सोचो और जानो !! किसी को भी महान या शैतान बनाने से पहले उस के बारे में जान तो लो … किसी भी विचारधारा का अंध अनुसरण और अंध विरोध दोनों ही समाज के लिए घातक है |

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