पप्पू ,दीदी और भूरी काकी :कांग्रेस में बस तीन हैं बाकी

देखिये इसको हईसे बूझिए , सोनिया गाँधी जउन माता हैं खाली राहुल ही जी की नहीं बल्कि पूरी पालटीए की बूझिए न और पॉल्टीए काहे पूरा देस की हैं बल्कि खुर्शीद चचा से आगे बढ़ कर हम तो कहेंगे की विदेस की भी मैया हैं वो , भूरी काकी | ई हिसाब से ऊ पाल्टी की ब्रह्मा जी हुईं रचयिता हुई न ई टोटल मोह माया घपला घोटला के संसार की |
वढेराइन दीदी भी भीतर से गाँधीए हैं बोले तो , लेकिन ऊ असल में बिष्णु जी हैं पलटीया की , पूछो कईसे ? अरे देखते नय हैं जी कभियो नाक बदल के ,कभियो बलवा का सेटिंग बदल के , साड़ी उड़ी बाँध के फट्ट इंदिरा जी हो जाती हैं एकदम मोहिनी रूप धल्ल लेती हैं इससे भोटिंग में जनता को लगता है इंदिरा गाँधी ही आई हैं लहरा के |
फेर चुनाव ख़तम होते ही जींस बुशर्ट पहिन के एकदम से मोडन लेडिस बन जाती हैं , उहे पालनहार हैं पाल्टी की , उहे भैया जी को भी बहुत संभालती हैं , पता नहीं फिर बियाह काहे नय करवा रही हैं क्या जानें ई हम लोग | हम लोग तो काडर के लोग हैं न
अब आइये राहुल बाबा पर , ऊ बहुत ढेर दिन से बाबा ही हैं , बाबा माने बेबी होता है बड़ा लोग में आप समझबे नहीं करते हैं | ऊ सिव जी हैं पार्टी के सिव जी कैसे रात दिन संहार करते रहते हैं , राहुल बाबा अपना पूरा जीवन , पूरा शक्ति पार्टी के संहार करने में ही लगा दिए हैं | दिन रात चरस , माने ज़हर पी कर लीलकण्ठ जइसे डटे रहते हैं | एकदम्मे बौराहा हैं जब भी आँख खोलते (माने आँख मारते हैं ) पाल्टीया भसम कर डालते हैं एकदम्म से |
बताइये हुए न ई तीनों देव पार्टी के त्रिदेव | बाकी ऊ खुरपेवाला , चमन पेड़ा , सीसी कपूर ई सब त गण है , दिन रात भाँग खा के त्रिदेव के पूजा में लीन तल्लीन रहता है जी |
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