सिनेमा की आड़ में फिर हुआ सनातन को अपमानित करने का प्रयास :बच्चों को भगवान का रूप देकर उनके हाथों में थमाई बंदूक

ऐसा लग रहा है जैसे इस देश में कुछ लोगों ने ये ठान रखा है कि वे कला के नाम पर , अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर और सिनेमा /संगीत के नाम पर हमेशा से धैर्यशील और सहिष्णु समझे जाने वाले सनातन हिन्दू समाज को अपने छिपे एजेंडे के तहत बार बार निशाना बनाते रहेंगे। पिछले दिनों सिनेमा जगत द्वारा बरसों से किये जा रहे ऐसे कुत्सित प्रयासों को हिन्दू समाज ने मुँहतोड़ जवाब दिया है , किन्तु अभी ये संघर्ष इतनी जल्दी समाप्त होने वाला नहीं है।
अभी कुछ दिनों पूर्व ही एक और निर्माता निर्देशक ने फिर ऐसा ही प्रयास किया है बल्कि इसने तो न सिर्फ भगवान शंकर , श्री कृष्ण और हनुमान जी के हाथों में पिस्तौल पकड़ा दी बल्कि छोटे छोटे बच्चों को उनका प्रतिरूप दर्शाते हुए एक और अपराध कर डाला है।
तेलगु निर्देशक स्वरूप जे एस ने अपनी फिल्म कम्पनी मैटिनी एंटरटेनमेंट के बैनर तले इस 12 दिसंबर को अपनी नई फिल्म मिशहान इम्पॉसिबल का एक विवादित पोस्टर जारी करते हुए बच्चों पर आधारित एक कॉमेडी फिल्म बनाने की घोषणा की। 14 दिसंबर से इसकी शूटिंग को प्रारम्भ करने की घोषणा करने वाले निरंजन और अन्वेष रेड्डी ने इसमें तीन बच्चों के अलावा और दो कलाकारों को भी लेने की बात कही।
पोस्टर पर बढ़ते विरोध के बाद एक बार फिर से वही चालाकी दिखाई जा रही है जो अक्सर ऐसे अपराध करने के बाद ये सिनेमाई भांड दिखाते हैं। टिवट्टर पर एक पोस्ट में चार पंक्तियों में दो शब्द लिख दिए कि -हमारी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी और हम अविलम्ब इस पोस्टर को वापस ले रहे हैं।
लेकिन मैंने पहले ही कहा न , ये बदलता हुआ भारत है ये नए युग का हिन्दुस्तान है कोई भी हिमाकत की , कोई भी अनुचित प्रयास किया तो उसका भुगतान तो करना ही होगा। सूत्रों के अनुसार इस टीम पर और इस विवादित पोस्टर के विरूद्ध कई शिकायतें दर्ज़ कराई जा चुकी हैं। और देर सवेर इनका भी वही परिणाम होगा जो अब हर उस व्यक्ति , संस्था , का हो रहा जो जान बूझ कर ऐसे अपराध करने का दुःसाहस कर रहा है।
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