बंगलौर दंगे के आरोप में NIA ने SDPI और PFI के 17 लोगों को गिरफ्तार किया : अब तक 187 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

दंगे चाहे दिल्ली में हो या बंगलौर में , फ्रांस में हो या आस्ट्रेलिया में इसके पीछे और इसकी साजिश रचने वाले हमेशा ही मुग़ल और इनकी जेहादी सोच से इत्तेफाक रखने वाले मुग़ल प्रेमी ही निकलते हैं। दिल्ली , असम के दंगों , हाथरस में हुए उपद्रव और बंगलौर में हुए भयानक दंगों के पीछे सोशल डेमोक्रेटक पार्टी ऑफ़ इंडिया कर पीपल्स फ्रंट और इंडिया के लोग ही मास्टर माईंड के रूप में यही लोग सामने आए हैं।
National Investigation Agency (NIA) arrests 17 SDPI & PFI party leaders for their involvement in violent attack & large scale rioting at KG Halli Police Station, in Bengaluru on Aug 11. In the case, so far, 187 accused persons have been arrested. Further probe underway: NIA
— ANI (@ANI) December 21, 2020
ये दोनों संगठन कभी वन्देमातरम का विरोध करते हैं तो कभी तिरंगे का ,कभी सनातन का विरोध करते हैं तो कभी देश का ही , कर ऐसा करने में ये कानून समाज इंसानियत सबकी हदों को तार तार करते हुए हमेशा ही हिंसा और अपराध के सहारे देश समाज की शान्ति और सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। प्रतिबंधित संगठन सिमी के नए और उससे ज्यादा खतरनाक संस्करण बन कर उभरे इन दोनों संगठनों के असली मंसूबे अब देश और क़ानून के सामने नंगे हो चुके हैं।
आपको याद हो तो , शाहीन बाग़ में महिलाओं ,बुजुर्गों , और बच्चों को आगे करने का और बंगलौर में एक मंदिर के इर्द गिर्द मानव शृंखला का सुरक्षा घेरा बना कर अपने घृणित अपराधों को बड़े ही शातिराना तरीके से एक अलग रंग देने की कोशिश की गई थी ,मगर जल्दी ही इनकी असलियत ने इनकी सारी धूर्तता की कलई खोल दी।
एक के बाद एक हर अपराध ,उपद्रव ,दंगे फसाद के पीछे इनकी भूमिका और इनके लोगों की साजिश सामने आने के बाद इन दोनों को प्रतिबंधित करने की माँग अब जोर पकड़ती जा रही है जो स्वाभाविक ही है।
DISCLAIMER: The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carries the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text.