नाम “द हिन्दू” और काम चीनपरस्ती वाले

नहीं नहीं आप जो सोच रहे हैं वो बात नहीं है , यहां बात राहुल गाँधी ,सोनिया गाँधी और उनके कांग्रेसी कुनबे की नहीं है | ये तो बेचारे , जिस देश और उसकी सत्ता को अपनी पुश्तैनी बपौती समझे बैठे थे उससे जनता ने इन्हे लात मार मार कर भगा दिया |
रही सही कसर इनके चिर युवा बालक युवराज गाँधी ने अपनी इत्तु सी बुद्धि और इत्ते सारे बकवास बयानों से पूरा कर दिया | अब हालत ये है कि उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा तक को जलाने के लिए की गई साजिश भी सफल नहीं हो पा रही है |
चीन से गुपचुप मिलने की इनकी खबर लीक होने के बाद इनकी हालत गधे की लीद जैसी हो गई थी न लीपने लायक न सुखाने लायक | खैर छोड़िये इन्हें |
यहां बात हो रही है “द हिन्दू” नाम के उस अखबार की जो , इन दिनों चीन से युद्ध जैसे हालात होने के बावजूद भी अपने अखबार के पूरे पन्ने में चीन के गुणगान का प्रचार कर रहा है | इसमें चीन की उपलब्धियों का बखान किया जा रहा है | और तो और , जिस कोरोना महामारी को फैलाने के लिए पूरा विश्व चीन को गालियां दे रहा है , इस अखबार में चीन उस कोरोना से कैसे सफलता पूर्वक निपट रहा है ये बताया जा रहा है |
सिर्फ नाम का “हिन्दू” ये अखबार बहुत समय से राष्ट्र और समाज के विरूद्ध ऐसे ही समाचारों /प्रचार को ज्यादा समर्थन देने के लिए के लिए जाना जाता रहा है |
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