10 मार्च का दिन उत्तर प्रदेश और बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. जहां न सिर्फ सीएम योगी ने दमदार जीत के साथ अपने विरोधियों को सभी खाने चित्त कर दिया बल्कि कई रिकॉर्ड्स तोड़े गए और नए रिकॉर्ड्स बने भी।  योगी आदित्यनाथ जी की अगुवाई में यूपी के चुनाव में बीजेपी को मिली पूर्ण बहुमत की जीत ने ये बता दिया की योगी जी सिर्फ ‘मठ’ ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े सूबे को चलाने के लिए एक बार फिर उसी जोश और तेवर के साथ चलाने के लिए तैयार हैं।

अपनी जीत के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने पुराने रिकॉर्ड्स और भ्रम को भी तोड़ डाला है. दरअसल उत्तर प्रदेश में पिछले 37 साल के इतिहास पर नजर डालें तो योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार जीतने वाले पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। इससे ना सिर्फ उन्होंने अपनी राजनीतिक योग्यता को साबित किया है बल्कि जनता के विश्वास पर भी वे खरे उतरे हैं.

वहीं कल तक जो जुमला नोएडा को लेकर ये कहा जाता था कि जो भी मुख्यमंत्री अपने शासनकाल के दौरान यहां आता है उसकी कुर्सी चली जाती है. लेकिन योगी जी ने इस अंधविश्वास को भी ध्वस्त कर दिया. दरअसल नोएडा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जितना भ्रम और अंधविश्वास फैलाया था उतना किसी ने नहीं किया. ऐसा कई बार कहा गया कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा आता है वो अगला चुनाव हार जाता है। लेकिन योगी आदित्यनाथ जी ने तमाम मिथकों को तोड़ डाला और कभी भी इस अंधविश्वास के चक्कर में नहीं फंसे.

जाहिर है कई मायनों में 10 मार्च 2022 की तारीख बीजेपी के इतिहास में महत्वपूर्ण दिन के रूप में याद की जाएगी . इस जीत से बीजेपी के लिए न सिर्फ 2024 का रास्ता आसान हो गया बल्कि इस जीत ने ये भी संदेश दे दिया कि देश की राजनीति में अगर नरेंद्र मोदी के बाद कोई चमत्कारी और कद्दावर नेता है तो वह हैं हिन्दू पुरोधा योगी आदित्यनाथ जी.

 

 

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