गुरु की महिमा अंनत

गुरु की महिमा अंनत इस दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसकी तुलना श्री गुरु से की जा सके । गुरु की तुलना यदि सागर से करें तो...

ईश्वर और गुरु

ईश्वर और गुरु एक ही होते हैं । गुरु अर्थात ईश्वर का सगुण रूप और ईश्वर अर्थात गुरु का निर्गुण रूप, जिस प्रकार बैंक की अनेक शाखाएं होते...

गुरु तथा अन्यों में अंतर

गुरु केवल देहधारी शरीर न होते हुए वे एक गुरुतत्त्व से जुडे होते है । इस कारण किसी भी खरे गुरु द्वारा हमें देखने...

गुरू का खरा स्वरूप

शिष्य का विश्वास:‘गुरु विश्वास पर निर्भर है । अपने विश्वास पर ही गुरु की महत्ता आधारित है’, इसमें गुरु शब्द बाह्य गुरु के संदर्भ...

गुरुकृपा प्राप्त होने के लिए महत्वपूर्ण चरण – सत्सेवा

गुरु प्राप्ति और गुरुकृपा होने के लिए क्या करें ?   गुरु प्राप्ति के लिए तीव्र मुमुक्षुत्व या तीव्र लालसा, तडप इन गुणों में से एक के कारण गुरु प्राप्ति...

श्रद्धा व भक्ति का उत्कट, दर्शनयुक्त जगन्नाथ रथयात्रा !

जगन्नाथपुरी, ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा अर्थात भगवान श्रीजगन्नाथ के अर्थात जगदोद्धारक भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों हेतु महापर्व ! मात्र भारत से ही नहीं; अपितु विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं की यह यात्रा श्रद्धा व भक्ति का अद्वितीय दर्शन है । इस यात्रा के कुछ वैशिष्ट्य देखते हैं । 1) रथयात्रा के अग्रस्थान पर बलराम, मध्य में सुभद्रा देवी व पीछे जगन्नाथ जी, यह रथों का क्रम होता है । 2) श्रीबलराम के रथ को तालध्वज कहते हैं । इस रथ का वर्ण लाल व हरा होता है । देवी सुभद्रा के...

केरल के कम्युनिस्टों का विचित्र साम्यवाद !

केरल में वर्तमान में कम्युनिस्ट दल की सरकार है । 1956 में भारतीय संघराज्य का केरल यह स्वतंत्र राज्य अस्तित्व में आया और 1957 में केरल में पहली...

ब्राह्ममुहूर्त पर उठने के 9 लाभ !

समाज का कल्याण हो तथा प्रत्येक व्यक्ति की साधना होकर समाज सात्विक बने और पुनः भारत विश्वगुरु के रूप में जाना जाए इस उद्देश्य से...

दुष्टों के निर्दालन के लिए ब्राह्म तथा क्षात्र तेज उपयोग करनेवाले भगवान परशुराम ! 

परशुराम राजा प्रसेनजीत की पुत्री रेणुका और भृगुवंशीय ऋषि जमदग्नि के पुत्र, भगवान श्री विष्णु के अवतार और भगवान शिवजी के परम भक्त थे...