रोटी से सीख

मेरी माँ कहती थी की रोटी बनाना सीखो एक रोटी तवे पर होनी चाहिय, एक पटरे पर और एक पेड़ा बना हुआ तैयार होना चाहिए उस दिन तुम समझना रोटी बनानी आ गयी । मैंने बहुत कोशिश की शुरुआत में पर नही हो पा रहा था पर जब बनी तो एक बात मैंने रोटी से सीखी वो ये कि हमको अपने रिश्ते, रूपया , रुतबा सेहत ..सब में ऐसे ही सामंजस्य बना के रखना चाहिए ।अब आप सोचोगे वो कैसे

learn from bread

ये वो ‘सिंह’ नहीं जिनके लिए गुरू साहिब ने खालसा की स्थापना की थी…ये दंगाई हैं..ये देशद्रोही हैं..ये गद्दार हैं।

आंदोलन या दंगा, प्रदर्शनकारी या दंगाई। क्या कहना चाहिए जो प्रदर्शन के नाम पे देश की संपत्ति को नुक्सान पहुंचाते है। क्या किसान यह चाहता है , जो अनन्दाता मेहनत करके फ़सल बोता है क्या वो एक खेत को उजाड़ सकता है। जिस देश में जय जवान जय किसान का नारा लगाया जाता है क्या उस देश में ऐसा मुमकिन है। यह देश हमारा अपना घर है तो क्या कोई घर का सदस्य अपने ही घर को नुक्सान पहुंचा सकता है। नहीं यह तो हो ही नहीं सकता तो यह कौन है और क्या कर रहे है , फिर तो यह प्रदर्शन नहीं, दंगा ही है। दंगा आख़िर क्यों ?

आत्मरक्षा

एक बात हर किसी के मन में है पर कहता कोई नही आज फिर से एक समाचार पत्र में पढ़ा एक लड़की के साथ दुष्कर्म किया पर शर्म किसे आनी चाहिए लड़की को । बदनामी किसकी होगी लड़की की अरे भई क्यों ? उसकी गलती क्या ये है की वो अकेले ऑफ़िस से आ /जा रही है ? या वो अपने पैरों पर खड़ी हो कर कंधे से कंधा मिला के चल रही है

self defense

ज़वाब

भ्रष्टाचार “इस शब्द का अर्थ काश भ्रष्टाचार करने वाले को पता होता तो आज समाज किसी और ऊँचाई पर होता याद रखना आज भी श्रीराम जी की पूजा होती है रावण की नही ,माँ दुर्गा को पूजा जाता है राक्षसों को नही

jawab

भ्रष्टाचार पर करे विचार

आज भ्रष्टाचार जितना बड़ गया है जिसे देख कर दिल में एक टीस सी उठती है । क्यों आख़िर क्यों इतना बढ़ रहा है और कब तक ? हर जगह सिर्फ़ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार क्या यही हमारी आने वाली पीढ़ी को हम दे कर जाएँगे एक भ्रष्ट समाज ? छोटे छोटे बच्चे -बच्चियों के साथ किस मानसिकता के साथ ये घृणित अपराध कर रहे है । हमको बच्चों को भी जागरूक करना है उनको अपनी सुरक्षा खुद करनी सीखनी पड़ेगी । माँ- बाप को अपने बेटे को सिखाना होगा कि हर लड़की की इज़्ज़त करनी ही है।

Lets think about corruption

काबिल बनो कायर नही – एक सोच

कहते तो है बेटी बचाओ .. बेटी बचाओ भ्रूण हत्या पाप है इसे रोको। कथनी और करनी में बहुत अंतर होता है ।कहना आसान होता है पर करना मुश्किल , कभी आपने सोचा है ये होता क्यों है|