टीवी में चिल्लाकर ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ कहने वाले बाबर कादरी को उसके ही इस्लामिक आतंकी दोस्तों ने मार डाला

जम्मू कश्मीर के वकील बाबर कादरी को गुरुवार को इस्लामिक आतंकियों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। माना जा रहा है कि उन्हें गोली मारने वाले आतंकी थे। यह घटना श्रीनगर के हवाल इलाके में घटी, जहां शाम 6.25 बजे उन्हें नजदीक से गोली मारी गई। गोली मारने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। जिनकी तलाश जारी है।
बीती 21 सितंबर को बाबर कादरी ने एक ट्वीट कर पुलिस से अपील की थी कि वह उनकी शिकायत करे। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि शाह नजीर नाम का व्यक्ति उन पर एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगा रहा है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही नजीर ने कादरी को टीवी डिबेट्स के दौरान संभलकर बोलने की भी धमकी दी थी।
इस हत्याकांड को लेकर कश्मीर में कई तरह का चर्चाएं भी हैं. दरअसल वकील बाबर कादरी कुछ दिनों से कथित तौर पर कुछ लोगों के निशाने पर थे. बताया जाता है कि तीन दिन पहले ही कादरी ने एक स्क्रीनशॉट ट्वीट किया था और पुलिस को जान का खतरा होने की बात कही थी.
उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा था, “मैं राज्य पुलिस प्रशासन से शाह नजीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह करता हूं, जो मेरे खिलाफ गलत प्रचार फैला रहा है कि मैं एजेंसियों के लिए काम करता हूं. इससे मेरी जान को खतरा हो सकता है.”
I urge the state Police administration to register FIR against this Shah Nazir who has spread wrong campaign that I work for agencies. This un true statement can lead to threat to my life.@ZPHQJammu pic.twitter.com/utkurYpRzk
— Babar Qadri Truth (@BabarTruth) September 21, 2020
मौत से कुछ घंटों पहले जारी किया था वीडियो
यह भी सामने आया है कि हत्याकांड से कुछ घंटो पहले कादरी का एक वीडियो भी सामने आया था. लाइव के जरिए वे बार एसोसिएशन कश्मीर के अध्यक्ष मियां कयूम के बारे में बात कर रहे हैं, जो गिलानी के नेतृत्व वाले हुर्रियत के समर्थक हैं.
बाबर ने कयूम पर कश्मीरी युवाओं को बेवजह भड़काने और बंदूक, पथराव और अजादी के लिए उकसाने तथा उनके जीवन के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया था. गौरतलब है कि बाबर कादरी खुद भी कई बार अपने भारत विरोधी बयानों के लिए चर्चा में आ चुके हैं
इससे इस हत्याकांड में आशंका जताई जा रही है कि यह दो आतंक समर्थक गुटों के विरोध का नतीजा तो नहीं.
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