लोक महापर्व छठ की महत्ता एवं प्रासंगिकता

लोक-आस्था का महापर्व छठ बिहार-झारखंड-पूर्वी उत्तरप्रदेश के निवासियों की स्मृतियों में बहुत गहरे पैठा है। मैकॉले प्रणीत शिक्षा-पद्धत्ति का दोष कहें या छीजते विश्वास का दौर हमारा...

स्वातंत्र्यवीर सावरकर : आरोपों के आईने में

विनायक दामोदर सावरकर यानी स्वातंत्र्यवीर सावरकर पर एक विचारधारा विशेष के लोग आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने तत्कालीन ब्रितानी हुकूमत से माफ़ी माँगी...

सावरकर : एक समग्र मूल्यांकन

विनायक दामोदर सावरकर प्रखर चिंतक, गहन अध्येता, सत्यान्वेषी इतिहासकार, भावप्रवण कवि, सेवाभावी समाजसुधारक और महान स्वतंत्रता-सेनानी थे। उनका कोई भी रूप अन्य किसी रूप...

अनुभव एवं संघर्षों की आँच में तपकर निखरा-चमका लोकप्रिय राजनेता : प्रधानमंत्री मोदी

संवैधानिक पद पर प्रधानमंत्री मोदी के २० साल : बेमिसाल राजनीति भी व्यापक मानवीय संस्कृति का एक प्रमुख आयाम है। भारतीय जनमानस के लिए...

पंडित दीनदयाल उपाध्याय और एकात्म मानवदर्शन

विश्व-बंधुत्व की भावना को साकार करता एकात्म मानवदर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरलता और सादगी की प्रतिमूर्त्ति पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुमुखी एवं विलक्षण प्रतिभा...

”परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम……….!”

”परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम……….!” सत्य, अहिंसा, करुणा, प्रेम आदि शाश्वत भाव हैं और किसी भी सभ्य समाज में इन मूल्यों को पालित-पोषित करने...

बड़ी अस्मिता को राजनीति के केंद्र में स्थापित करने वाले जननेता- कल्याण सिंह

कल्याण सिंह का देहावसान राजनीति के एक युग का अंत व अवसान है। वे भारतीय राजनीति के शिखर-पुरुष के रूप में सदैव याद आएँगें।...