मतांतरण केवल आस्था-विश्वास-उपासना पद्धत्ति का ही रूपांतरण नहीं, राष्ट्रांतरण भी है।

सर्वसाधारण ही नहीं, अपितु पढ़ा-लिखा वर्ग भी बहुधा मत, संप्रदाय, मज़हब, रिलीज़न आदि को ‘धर्म’ का पर्याय मानने की भूल कर बैठता है। वस्तुतः...

इस्लामिक देशों में बदलाव की बयार और भारत में जगती उम्मीदें 

इस्लामिक देशों में बदलाव की बयार और भारत में जगती उम्मीदें परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। युगीन आवश्यकता एवं वर्तमान परिस्थिति-परिवेश के अनुकूल...

राष्ट्रीय-जीवन में छत्रपति शिवाजी का ऐतिहासिक अवदान

23 जून, हिंदू साम्राज्य-दिनोत्सव (शिवाजी का राज्याभिषेक) पर यह सरलीकृत निष्कर्ष एवं कुप्रचार है कि विदेशी आक्रांताओं का हम साहस-संघर्ष के साथ सामना नहीं...

इक्कीसवीं सदी योग-आयुर्वेद एवं भारतीय ज्ञान-विचार-परंपरा की सदी

निःसंदेह योग एवं आयुर्वेद को देश-दुनिया तक पहुँचाने में स्वामी रामदेव का योगदान अतुल्य एवं स्तुत्य है। उन्होंने योग और आयुर्वेद को गुफाओं-कंदराओं, शास्त्र-संस्थाओं...

सोए हुए पौरुष और स्वाभिमान को जागृत-झंकृत करने वाली वीरांगना

विरला ही कोई ऐसा होगा जो महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य एवं पराक्रम को पढ़-सुन विस्मित-चमत्कृत न होता हो! वे वीरता एवं संघर्ष की...

राष्ट्रीय-चारित्र्य की दृष्टि से इजरायल से सीखने वाली बातें

राष्ट्रीय-चारित्र्य की कसौटी पर हम भारतीय? युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं होता। शांति, संवाद, सहयोग, सह-अस्तित्व का कोई विकल्प नहीं। विश्व-मानवता के लिए...