बिना श्रेणी बर्बादी के कगार पर बदहवास बॉलीवुड और बेरोजगारी का रोना रोते स्वरा ,ऋचा ,मुन्नवर फारुकी -वल्लाह ! तो आखरिकार आम लोगों ने बॉलीवुड की सारी गंदी असलियत को बार बार सामने आता देख समझने के बाद आखिरकार बॉलीवुड की हर पिक्चर...
बिना श्रेणी “रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ” की बाजीगरी सिर्फ एक प्रचार/स्टंट है , समझे मिस्टर : दिल्ली सरकार : न्यायपालिका ने दी 24 घंटे की मोहलत के साथ एक सख्त लताड़ राजधानी दिल्ली को पिछले सात साल में मात्र 940 करोड़ रूपए की छोटी सी राशि खर्च करके प्रचार कर कर के पूरी दुनिया को...
बिना श्रेणी प्रदूषण के ज़हर को कम न कर सके : मगर शराब के ज़हर को दिल्ली की रगों में भर रही है केजरीवाल सरकार : गली गली में खुल रहे हैं ठेके दिल्ली के मुख्यमंत्री जो कभी इस देश की राजनीति बदलने , और उनके अनुसार राजनीति में व्याप्त सारी बुराइयों से लड़ने के लिए खुद...
Uncategorized @hi क्या 2014 से पहले कांग्रेस के घोटालों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए होते थे आतंकवादी हमले?? आज 26 नवम्बर की तारीख इतिहास में इस बात के लिए दर्ज़ हो चुकी है कि इसी दिन आज से कुछ वर्षों पहले ,...
अनुसंधान बुतपरस्ती कुफ्र है : मगर भगवान की मूर्तियाँ बना/बेच कर घर चलाना मंज़ूर : व्यापार मेले में मौजूद हैं सैकड़ों (मु)गल कारीगर/मूर्तिकार उनके मज़हब में बुतपरस्ती कुफ्र है बहुत बड़ा गुनाह ए अजीम है और वे अपने आपको बुतशिकन कहलाना अपनी शान समझते हैं। दुनिया में...
बिना श्रेणी प्रधानमंत्री जी : इस यूटर्न के बाद : बस इतना और बता दीजिए किसानों के तथाकथित नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत जब बार बार टीवी और मीडिया में जोर जोर से चीख कर कहते थे कि -सरकार...
बिना श्रेणी गलवान में चीनियों की गर्दन तोड़ने वाले -बिहार रेजिमेंट ने पैंगांग झील पर किया छठ पूजन पिछले ही साल पैंगांग झील पर चीनियों की नापाक घुसपैठ का को नाकाम करते हुए बिहार रेजिमेंट के जवानों ने जिस पराक्रम और वीरता...
बिना श्रेणी प्रदूषण कम नहीं कर पाए तो यमुना तट पर छठ को ही प्रतिबंधित कर दिया : केजरीवाल का दिल्ली मॉडल पिछले सात सालों में , समस्याओं का बखान और उससे निपटने के अजीबोगरीब प्रयोगों वाले उपाय और फिर अथाह पैसा लगा कर , अपनी...
आज का मुद्दा आज का मुद्दा आज का मुद्दा आज का मुद्दा आज का मुद्दा आज का मुद्दा आज का मुद्दा आज का मुद्दा प्रदूषण से संबंधित प्रचार (अपनी फोटो के साथ )में केजरीवाल सरकार ने पिछले 7 साल में खर्च किए : मात्र 940 करोड़ दिल्ली सरकार , राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रदूषण को दूर करने के लिए कितनी शिद्दत से लगी हुई है इसका प्रमाण अभी हाल ही...
बिना श्रेणी इसीलिए सुशांत की मौत का सच नहीं जान पाई :मुंबई पुलिस सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के पीछे की सारी साजिश का पूरा अंदाज़ा /खुलासा तो पिछले एक साल में सामने आ ही गया...