वीर लाचित :असम का शिवाजी (Video story)

हमारे इतिहास में ऐसे कई योद्धा हुए जिन्होंने अपनी वीरता से मुगलों और अंग्रेजों के दांत खट्टे कर लिया लेकिन दुख की बात यह...

“जानें नौकरी में प्रमोशन पाने के ज्योतिषीय उपाय”

नौकरी पेशा वाले हर व्यक्ति को अपनी कंपनी और बॉस से यही उम्मीद होती है कि इस साल उनकी तनख्वाह और पद दोनों में...

मुस्लिम कौम में हिन्दू महज एक काफिर है ये बात ना जाने भूले भटके हिन्दू कब समझेंगे ??

उसकी बीवी ही उकसाती थी दूसरी लड़की से बलात्कार करने के लिए… क्योकि वो दूसरी लड़की हिन्दू थी…शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले...

750 परिवारों वाला 100% टैक्सपेयर आदर्श गाँव “पाटोदा”

महाराष्ट्र का मराठवाड़ा जहां एक ओर सूखाग्रस्त, किसानों की बदहाल अवस्था और बंजर होती हुई भूमि से व्यथित प्रतीत होता है। वहीं दूसरी ओर...

अमर क्रांतिकारी स्व॰ श्री बटुकेश्वर दत्त जी की ११० वीं जयंती

8 अप्रैल, 1929 को दिल्ली स्थित केंद्रीय विधानसभा (वर्तमान का संसद भवन) में भगत सिंह के साथ बम विस्फोट कर ब्रिटिश राज्य की तानाशाही का विरोध किया। बम विस्फोट बिना किसी को नुकसान पहुंचाए सिर्फ पर्चे के माध्यम से अपनी बात को प्रचारित करने के लिए किया गया था। उस दिन भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को दबाने के लिए ब्रिटिश सरकार की ओर से पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट बिल लाया गया था, जो इन लोगों के विरोध के कारण एक वोट से पारित नहीं हो पाया।

“रेनू” अर्थात ईश्वर का उपहार

असल में “रेनू” सब हिंदी व्याकरण की एक प्रख्यात शब्द है जिसकी जड़ संस्कृत मूल की मानी जाती है इसका मतलब ईश्वर का उपहार...

अमर शहीद कर्तार सिंह सराभा जी की १०५ वीं पुण्यतिथि

कर्तार सिंह सराभा (जन्म: २४ मई १८९६ - फांसी: १६ नवम्बर १९१५) भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त करने के लिये अमेरिका में बनी गदर पार्टी के अध्यक्ष थे। भारत में एक बड़ी क्रान्ति की योजना के सिलसिले में उन्हें अंग्रेजी सरकार ने कई अन्य लोगों के साथ फांसी दे दी। १६ नवंबर १९१५ को कर्तार को जब फांसी पर चढ़ाया गया, तब वे मात्र साढ़े उन्नीस वर्ष के थे। प्रसिद्ध क्रांतिकारी भगत सिंह उन्हें अपना आदर्श मानते थे।

बैल की पूंछ

बैल की पूंछ एक युवा आदमी राज्य मंत्री की बेटी के साथ शादी करना चाहता था। एक दिन वह साहसपूर्वक अपनी इच्छाओं को बताने...

कसाई का बकरा

एक कसाई अपनी दुकान पर था, रात काफी हो गई थी और अब वह दुकान बंद करने ही वाला था कि अचानक एक ग्राहक...