२०२१ का पहला दिन और गीता प्रेस की डायरी ‘गीता दैनंदिनी’

गुड मॉर्निंग एक्सक्लुसिव: सौरभ शाह (newspremi.com, शुक्रवार, १ जनवरी २०२१) हमारा मानसिक वर्ष दिवाली को पूरा होता है और उसके अगले दिन नया वर्ष...

क्रिसमस की विदेशी खुशियों की चमक में गुरू गोबिंद सिंह के सपूतों का बलिदान भूल बैठा है भारत

चमकौर के किले से निकल कर गुरू गोबिंद सिंह के दोनों बड़े बेटे अजीत सिंह और जूझार सिंह ने अटारी में बैठे मुगलियां सैनिकों को छक्के छुड़ा दिए। गुरू गोबिंद सिंह ने खुद अपने हाथों से दोनों बेटों को समर के लिए तैयार करके भेजा था। युद्ध के समय अजीत सिंह सत्रह और जूझार सिंह पंद्रह वर्ष के थे। चमकौर के युद्ध में गुरू गोबिंद सिंह के दोनों सपूतों ने मुगलिया सत्ता की गुलामी के स्थान पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

ईसाई सिद्धांत में मूल पाप क्या है ?

जानिए क्यों ईसाई यह सवाल पूछते हैं, “क्या आपने खुशखबरी सुनी है?” मूल रूप से प्रकाशित Mission Kaali: https://missionkaali.org/hi/doctrine-of-original-sins-in-christianity/ यदि आपने मिशन काली पर...